शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में आज विकसित प्रदेश और प्रति व्यक्ति आय मामले में कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरा। राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा विकसित एमपी की बात करते है। आपने जमीन देखी है मैं बताता हूं। प्रति व्यक्ति आय प्रदेश की देश के 9 प्रदेश के बाद आता है। कर्नाटक में प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 31 हजार है, महाराष्ट्र 2,98,900 हजार, छत्तीसगढ़ की प्रति व्यक्ति आय 1,97,000 है। जुमले गढ़ने में BJP बहुत निपुण है। रोजगार के आंकड़े बताये जा रहे है, निवेश को लेकर बड़ी बड़ी बातें हो रही है। एमपी में छोटी इकाइयां बन्द हो रही है।

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वित्तीय प्रबंधन में 33 हजार करोड़ का ब्याज दे रहे

कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने बजट पर सदन में कहा- 22 लाख 35 हजार प्रतिव्यक्ति आय 2047 का दावा किया जा रहा है। लोगों को ग़ुमराह करने का काम सरकार कर रही है। वित्तीय प्रबंधन में 33 हजार करोड़ का ब्याज दे रहे है। आउट सोर्स कर्मचारियों को चार से पांच हजार रुपये सैलरी दी जा रही है। डिंडोरी में लगे पेड़ों को देखकर आया हूं, क्या हाल है छह साल हो गए है लगे हुए। उत्कृष्ट विद्यालयों में संसाधनों की कमी है। सीएम राइस स्कूल बदनाम हुए तो संदीपिनी विद्यालय पर आ गए अब कुछ और नाम रखेगे। आज स्कूलों की हालत देखे, पीने का पानी नहीं है खेल मैदान नहीं है। किसान के हालत ये है कि उनके साथ इंसाफ नहीं कर पा रहे हैं।

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नर्मदा किनारे गांव गांव शराब बिक रही

मां नर्मदा को लेकर सरकार ने कई घोषणाएं की लेकिन एक भी पूरी नहीं की। सरकार कहती है कि मां नर्मदा के पांच किलोमीटर क्षेत्र के शराब नहीं बिकेगी, वहां गांव गांव में शराब बिक रही है। मां नर्मदा के परिक्रमा पथ के लिए घोषणा की गई थी, लेकिन कुछ नहीं किया। मां नर्मदा लगातार दूषित करने का काम सरकार की गलत नीतियों के कारण है। मां नर्मदा किनारे छह साल पहले छह करोड़ पौधारोपण लगाने का दावा था। छह साल में वृक्ष बन गए होंगे। सरकार एक पौधा बताएं जो लगाया गया और अब वृक्ष बना हो।

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डिंडोरी में मां का जल आचमन के स्तर का नहीं

आप हम कब तक जीवित रहेंगे 100 साल या 200 साल, लेकिन भविष्य की जननी मां नर्मदा को लेकर सरकार ने कुछ नहीं किया। नर्मदा है तो भविष्य है। कई स्थानों पर मां नर्मदा की स्थिति क्या कर दी है सरकार ने, बेहद दुःख होता है। कम से कम मां नर्मदा के नाम पर तो धांधली न करें। डिंडोरी में ही मां का जल आचमन के स्तर का नहीं रहा, ये पाप किसका है सरकार का पाप है। कितनी DPR बनी, कार्य योजना बनी लेकिन एक भी जमीन पर नहीं उतरी, आप नहीं जानते क्या हैं माई नर्मदा।

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