राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मामले में स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा होगी। दूषित पेयजल और लोगों की मौत के मामले में पिछले दिनों ध्यान आकर्षण पर चर्चा करने की नेता प्रतिपक्ष ने मांग की थी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखेंगे।
दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों की मौत हुई थी
दरअसल दूषित पानी पीने की वजह से लोगों की इंदौर की भागीरथपुरा में मौत हुई थी। सरकार ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुरानी पाइपलाइन को बदला और वहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जांच की। अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम की तरफ से अच्छे पानी की व्यवस्था नहीं की गई लोगों को दूषित पानी मिला, जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत आई।
इंदौर को मेरी मां के बराबर प्यार करता हूं
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा यह घटना बहुत गंभीर और आत्मग्लानि लाने वाली है हम सब के लिए यह चिंता की बात भी है। वहां के लोगों ने शिकायत की थी टेंडर बुलाने के बाद वहां पर काम नहीं हुआ मुख्यमंत्री ने कमेटी बनाई और कमेटी में अधिकारी दोषी पाए गए इंदौर के लिए है बहुत बड़ा कलंक है पूरा शहर स्वच्छता में नंबर वन आता है इंदौर में स्वच्छता को संस्कार में परिवर्तन करके स्वच्छ भारत मिशन को सफल करने का योगदान इंदौर कर रहा है। यह जो घटना घटी है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुंबई की धारावी की तरह भागीरथपुरा की स्थिति
भारी भरकम वोटो से जीता हूं. मथुरा जा रहा था, तभी यह बात की जानकारी लगी तत्काल प्रभाव से मैं वहां पहुंच परिवार भी साथ में था… मैंने वहां से गाड़ी पलटाई और सीधे इंदौर आया शाम को एयरपोर्ट आया। 29 तारीख को सीधी इंदौर पहुंचा। मैं तत्काल आयुक्त सुदाम खाड़े को सूचना दे दी थी। पूरा अस्पताल मरीजों से भरा पड़ा हुआ था। रात भर में ढाई सौ लोगों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। हॉस्पिटल वाले मान नहीं रहे थे लेकिन हमने उनसे कह कर इलाज मुफ्त करवाया। मुंबई की जो धारावी है ठीक उसी तरीके की स्थिति भागीरथपुरा की है।
जिस जगह लोगों की मौत हुई वहां पर नारे
इस घटना के बाद पूरा मंत्रालय पूरे अधिकारी हमारे सारे प्रतिनिधि मिलकर काम किया है उनके साथ बैठकर सारी पूरी प्लानिंग की। मरीजों का इलाज कर रहे थे। 2 टन पानी के नारियल बुलवाए, फिर भी 22 की जान नहीं बच पाई है। मामले में आयोग को जांच करना इसलिए कहा जा सकता है। वहां के लोग कुछ जगह राजनीति करना चाह रहे थे। डॉ भी घबरा का इलाज के दौरान डेढ़ सौ सामाजिक कार्यकर्ता पैरामेडिकल स्टाफ इलाज में लगी रहे, इसलिए मुझे यहां पर बुरा लगा, जिस जगह लोगों की मौत हुई वहां पर जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं।
तारीफ के लिए सदन बुलाया है क्या
भंवरलाल सिंह- यहां तो कैलाशजी सिर्फ तारीफ करने में लगे हैं, तारीफ के लिए सदन बुलाया है क्या। कैलाश- जहां जो जरूरत है वो करना चाहिए। मैं तीन रात तक सोया नहीं, वहीं कुर्सी लगाकर बैठा रहा। हमने इससे सबक लिया, पूरे प्रदेश को लेकर कार्ययोजना बनाई।नेता प्रतिपक्ष ने लिखा है कि किस कारण मौत हुईं, कारण तो डायरिया है। यह सही है हमारे पास संसाधन थे पैसा भी था लेकिन समय पर काम नहीं होने से घटना हुई। पूरे मप्र को लेकर कंट्रोल रूम बनाकर दूषित पानी के सम्बंध में कार्ययोजना बनाई है। पुरानी लाइन बदली जा रही हैं।
हमें गिरकर उठना आता है
नर्मदा के चौथे चरण से इंदौर में अगले 20 साल तक पानी की समस्या समाप्त होगी। इंदौर पर दाग लगा है, इससे उबरकर इंदौर फिर नम्बर वन रहेगा। हम जख्मों की नुमाइश नहीं कर रहे, हम जख्मों को भरने की कोशिश कर रहे हैं। फिर कहा जाएगा इंदौर पर हमें गर्व हैं लेकिन हल्की राजनीति नहीं करना चाहिए। हमें गिरकर उठना आता है, स्थगन को ग्राहता की आवश्यकता नहीं है।


