अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास जिले के चेनारी अंचलाधिकारी की कार्यशाली इन दिनों सवालों के घेरे में है। भूमि विवाद के लंबित मामलों में लगातार बरती जा रही लापरवाही से स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है और लोग अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इतना हीं नहीं वाराणसी रांची एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में भी भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भूमि से जुड़े मामलों में लापरवाही
मिली जानकारी के अनुसार किसानों को परिमार्जन, परिमार्जन प्लस, दाखिल-खारिज एवं अधिग्रहित भूमि के मुआवजे आदि को लेकर लगातार परेशानी हो रही है। भूमि विवाद और राजस्व कार्यों में बढ़ती लापरवाही किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। परिमार्जन और परिमार्जन प्लस जैसी डिजिटल सुधार सेवाओं में देरी के कारण किसान अपनी जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं करा पा रहे हैं।
स्थानीय विधायक ने सदन में उठाई आवाज
दरअसल चेनारी के स्थानीय विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने अंचल अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सदन में आवाज उठाई है। विधायक का कहना है कि सीओ के मनमाने रवैए के कारण ग्रामीणों को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भी नहीं मिल रहा है और वे लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूमि सुधारों में पारदर्शिता की कमी और अधिकारियों की लापरवाही से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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