पटना। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा घटाने के फैसले पर बिहार सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लिया है। यादव ने इसे अहंकार और बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया। उन्होंने सवाल किया कि जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरे के मद्देनजर उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, तो बिना किसी ठोस कारण या लिखित आदेश के इसे वापस क्यों लिया गया?

​DGP पर अनदेखी का आरोप और जातिवाद का सवाल

​पप्पू यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार फोन करने के बावजूद DGP ने उनका कॉल नहीं उठाया, जो एक निर्वाचित सांसद का अपमान है। उन्होंने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए पूछा कि एक विशेष जाति के प्रति इतनी नफरत और पूर्वाग्रह क्यों है? यादव ने नसीहत दी कि राजनीति अटल बिहारी वाजपेयी और नेहरू जैसी होनी चाहिए, जहां मतभेद हो सकते हैं, पर मनभेद नहीं।

​अपराध और नीट (NEET) मुद्दे पर घेरा

​सांसद ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में बच्चियों के साथ दुष्कर्म और मानव तस्करी की घटनाएं चरम पर हैं। उन्होंने सरकार को नालायक बताते हुए कहा कि सत्ता केवल डराने और सुरक्षा छीनने में सक्षम है, न्याय देने में नहीं। उन्होंने नीट घोटाले में डॉ. सतीश की गिरफ्तारी की भी मांग की।

​स्वामी मुक्तेश्वरानंद का समर्थन और संतों पर टिप्पणी

​पप्पू यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके लिए राम-रहीम जैसे लोग संत हैं। उन्होंने स्वामी मुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हुए कहा कि सच बोलने के कारण उन पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने जनता से सनातन संस्कृति की रक्षा और सच्चाई के साथ खड़े होने की अपील की।