कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। पूर्व कुलसचिव के निलंबन के बाद अब निदेशक प्रो. बी.आर. रमना रेड्डी का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है। इसके साथ ही संस्थान को नया नियमित निदेशक मिलने में अब समय लगेगा, क्योंकि इसके लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
प्रो. ब्रह्मजीत बने कार्यकारी निदेशक
नए निदेशक की नियुक्ति तक संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. ब्रह्मजीत को कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में पास के किसी अन्य एनआईटी के निदेशक को यह जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन अन्य संस्थानों से सहमति न मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया।
पहले ही सीमित कर दी गई थीं शक्तियां
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 29 मार्च को निदेशक की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद संस्थान में कई अहम बदलाव किए गए, जिनमें कुलसचिव पद पर भी नियुक्ति बदली गई।
इस्तीफा और जांच प्रक्रिया
शक्तियां वापस लिए जाने के बाद प्रो. रमना रेड्डी ने 3 अप्रैल को ही इस्तीफा दे दिया था। मंत्रालय की जांच पूरी होने के बाद अब इसे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। उनकी नियुक्ति फरवरी 2022 में पांच साल के लिए हुई थी, जिसमें लगभग 10 महीने का कार्यकाल बाकी था।
नए निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया
अब नए नियमित निदेशक के चयन के लिए:
0 आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे
0 चयन समिति का गठन होगा
0 अंतिम मंजूरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राष्ट्रपति स्तर से मिलेगी
छात्रों की मौतों का मामला गंभीर
संस्थान में 60 विद्यार्थियों की मौत के मामले की जांच अभी जारी है। इस घटना के बाद 18 अप्रैल से परिसर लगभग खाली है और अनिश्चितकालीन छुट्टियां घोषित की गई हैं। बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं के कारण परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
यह पूरा घटनाक्रम संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

