शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय एक बार फिर सियासी गलियारों में चर्चा में है। उन्होंने कई उदाहरण को लेकर अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए है। प्रदेश में बीते दिनों में घटी घटनाओं को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एमपी का सिस्टम कॉर्पोरेट में तब्दील हो रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी अधिकारी, नेताओं से नहीं मिलते है।
रतलाम की आलोट विधानसभा से बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वे अपनी बातों को खुलकर कहते हुए दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी इतने ताकतवर क्यों ? अधिकारी लोग घंटों इंतजार के बाद भी नेताओं से नहीं मिलते है। मालवीय ने साफ लफ्जों में कहा कि प्रदेश में शक्ति का केंद्र जनता या जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि नौकरशाह हैं।
प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की कही बात
बीजेपी विधायक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था कॉर्पोरेट मॉडल में बदल रही है। वहीं उन्होंने मुख्य सचिव से लेकर कलेक्टर तक प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की जरूरत की बात कही है। चिंतामणि मालवीय ने कहा कि कार्यपालिका के पास अत्यधिक शक्तियां है, कई अधिकार होने के कारण शक्तियों का संतुलन बिगड़ रहा है। प्रदेश में कई उदाहरण आखिर आईएएस अधिकारियों को क्यों दिखाई नहीं देते है।
मंत्री के पास एक विभाग और अधिकारी के पास 5-7 विभाग
उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी के बाद हर विभाग का केवल एक सचिव होता है। राज्यों में मुख्य सचिव के अलावा कई एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाए जाते हैं। एक अधिकारी के पास 5 से 7 विभाग होते हैं, जबकि मंत्री के पास एक विभाग होता है। ऐसे में अधिकारियों का बढ़ता प्रभाव जनप्रतिनिधियों को समझता नहीं, न ही महत्व देता है। फिलहाल भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

