लखनऊ. 4 दिन में यूपी विधानसभा सत्र खत्म होने को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज कसा था और बताया था कि किस दिन किस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. ऐसे में उनके बयान पर केशव मौर्य का पलटवार सामने आया है. उन्होंने कहा, गणित के मामले में सपा बहादुर अखिलेश यादव वाक़ई सिफर हैं.

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आगे केशव मौर्य ने कहा, उनके चार दिन ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेते. उनकी नज़र में यूपी की भाजपा सरकार केवल चार दिन की मेहमान है. 2017 से 2026 तक नौ साल हो गए, फिर भी उनका वही पुराना अलाप है कि भाजपा सरकार बस जाने वाली है. भाजपा की विदाई के उनके हर एलान का मतलब होता है कि भाजपा कहीं नहीं जा रही है.

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आगे केशव मौर्य ने कहा, विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था ही भाजपा की पहचान बन चुके हैं. इस मामले में उत्तर प्रदेश की जनता का साफ मानना है कि बहादुर जी कतई सिफर हैं, क्योंकि सपा की पहचान परिवारवाद, तुष्टीकरण और गुंडाराज है. जनता का भरोसा भाजपा के साथ और लठैतवाद सपा के साथ.

क्या कहा था अखिलेश ने?

अखिलेश यादव ने कहा, चार दिन की सरकार बची है, इसीलिए उप्र विधानसभा में सत्र भी चार दिन का ही हो रहा है. पहला दिन उप्र भाजपा सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी. दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु राम जी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की ज़िम्मेदारी, अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर, अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी. तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी. चौथा दिन दुखी मां के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र ख़त्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी. सच तो ये है कि अब भाजपा को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं. भाजपा की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है. अब भाजपा जाएगी, फिर कभी न आएगी!