प्रयागराज मंडल के आयुक्त डॉ. लोकेश एम ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले के 2,832 सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मुख्य सड़क पार करने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षामित्रों की तैनाती और गंदगी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया.

प्रयागराज. सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक स्तर, बुनियादी सुविधाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी समीक्षा की गई है. मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों संग बैठक में स्पष्ट किया कि जिन परिसरों में स्वच्छता नहीं मिलेगी, वहां संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा और सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी.

सड़क सुरक्षा का विशेष मॉडल

जिले के कुल 2,832 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जांच में पाया गया कि 166 संस्थान मुख्य मार्गों के समीप स्थित हैं. इन सभी परिसरों में शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रूप से मार्ग पार कराकर पहुंचाएं. जसरा क्षेत्र में स्थानीय दुकानदारों द्वारा लाल ध्वज लेकर बाल सुरक्षा में सहयोग देने की व्यवस्था को अन्य संवेदनशील परिसरों में लागू किया जाएगा.

बुनियादी खामियां और निर्देश

निरीक्षण के दौरान 31 परिसरों में पहुंच मार्ग (अप्रोच रोड) का अभाव मिला, जबकि 11 स्थानों पर जलजमाव की स्थिति पाई गई. इसके अतिरिक्त 152 विद्यालयों में विद्युत तारों अथवा कनेक्शनों से जुड़ी समस्याएं दर्ज की गईं, वहीं 44 संस्थानों के ऊपर से गुजरने वाले जोखिम भरे हाईटेंशन तारों को हटा दिया गया है. 184 विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय न होने पर रैंप, रेलिंग और प्रसाधन निर्माण के त्वरित आदेश जारी हुए हैं.

गुणवत्ता सुधार के कदम

शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षक अब विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन ग्रहण करेंगे. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के नाम सूचना पट्ट पर अंकित किए जाएंगे और उन्हें पदक प्रदान किए जाएंगे. ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने तथा सड़कों पर भिक्षावृत्ति करने वाले बालकों को गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से चिन्हित कर दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए हैं.