लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त (सोमवार) से शुरू हो रहा है. सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और जनहित से जुड़े विषय सदन में रख सकती है, जबकि विपक्ष महंगाई, कानून-व्यवस्था, किसानों, शिक्षा, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. इन सबके बीच विधानसभा सत्र को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने करारा तंज कसा है.

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अखिलेश यादव ने कहा, चार दिन की सरकार बची है, इसीलिए उप्र विधानसभा में सत्र भी चार दिन का ही हो रहा है. पहला दिन उप्र भाजपा सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी. दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु राम जी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की ज़िम्मेदारी, अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर, अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी. तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी. चौथा दिन दुखी मां के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र ख़त्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी.

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आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि सच तो ये है कि अब भाजपा को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं. भाजपा की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है. अब भाजपा जाएगी, फिर कभी न आएगी!