सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बलरामपुर में तीन यादव युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि घटना में यादव समाज के युवकों के साथ कथित तौर पर सरेआम मारपीट हुई, लेकिन अखिलेश यादव की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
राजभर ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि जिस राजनीतिक समीकरण (एम-वाई) की चर्चा समाजवादी पार्टी करती रही है, उसी सामाजिक आधार के लोगों के बीच विवाद होने के बाद भी सपा नेतृत्व मौन है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पीड़ित यादव समाज से हैं तो अखिलेश यादव को कम से कम इस घटना की निंदा करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी चाहिए.
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राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण समाजवादी पार्टी इस मामले में खुलकर बोलने से बच रही है. राजभर ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का दायित्व है कि वह जाति और धर्म से ऊपर उठकर हर पीड़ित के लिए न्याय की मांग करे. उन्होंने कहा कि अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती और दोषियों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए. राजभर ने कहा कि यदि किसी निर्दोष के साथ अन्याय होता है तो उस पर चुप्पी साध लेना उचित नहीं है. उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि वे सार्वजनिक रूप से इस घटना पर अपना पक्ष रखें और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करें.
गौरतलब है कि बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में एचआर इंटर कॉलेज के बाहर छात्र प्रतीक यादव, आलोक यादव और अधिवक्ता मनीष यादव के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
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हालांकि, समाचार लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी की ओर से ओम प्रकाश राजभर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों और अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें.


