Mughal Tax: मुगल काल में कैसे भरते थे टैक्स? जानिए

मुगल काल में आधुनिक इनकम टैक्स जैसा कोई भी सिस्टम नहीं था.

मुगल साम्राज्य प्रशासन चलाने और शाही खजाने को बनाए रखने के लिए जमीन के लगान, व्यापार शुल्क, धार्मिक टैक्स और नजराने पर निर्भर था.

मुगल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा किसानों से वसूले जाने वाले जमीन के टैक्स से आता था.

सम्राट अकबर के शासनकाल में उनके वित्त मंत्री राजा टोडरमल ने मशहूर दहसाला या फिर जब्त सिस्टम को शुरू किया था.

इस व्यवस्था के तहत टैक्स की दर पिछले 10 सालों में दर्ज औसत फसल उत्पादन और बाजार की कीमतों के आधार पर तय की जाती थी.

किसानों को आमतौर पर अपनी कृषि उपज का एक तिहाई से लेकर आधा हिस्सा टैक्स के तौर पर देना पड़ता था.

पुराने समय में जमीन के नीचे क्यों दबाकर रखा जाता था खजाना, जानें