रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र में जेएलएन नहर में नहाने उतरे दो किशोर पानी के तेज बहाव में अचानक बह गए। प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाकर गोताखोरों और बोट की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन शुरू करवाया है।

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। जिले में कोसली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बव्वा के पास रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा घटित हुआ। यहाँ से गुजर रही जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) नहर में नहाने गए दो सगे ममेरे-फुफेरे भाई पानी के अत्यधिक तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में बह गए। लापता किशोरों की पहचान झज्जर जिले के गांव बहू निवासी 20 वर्षीय चंदू राम और रेवाड़ी जिले के जाट-जांटी निवासी उसके मामा के 11 वर्षीय बेटे यशवंत के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना को घटित हुए कई घंटे बीत जाने के बाद भी देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वर्तमान में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम उपमंडल प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर नहर में युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

ड्यूटी की बात कहकर निकला था युवक

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय किशोर चंदू राम रविवार की सुबह करीब 9:00 बजे अपने घर से बाइक लेकर मानेसर अपनी रोजाना की ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन रास्ते में वह अपनी मोटरसाइकिल रोककर अपने सगे भाई मुकेश और ममेरे भाई यशवंत के साथ गांव बव्वा स्थित जवाहरलाल नेहरू नहर पर नहाने के लिए चला गया, जहां उनके साथ यह अप्रत्याशित हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक चंदू राम, यशवंत और मुकेश तीनों सुबह के समय नहर के पानी में उतरे थे। इसी दौरान नहर के अंदर अचानक से पानी का बहाव बहुत तेज हो गया। पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि चंदू राम और मासूम यशवंत खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में डूबने लगे।

भाई के शोर मचाने पर जुटे ग्रामीण

इन दोनों को गहरे पानी में डूबता देख किनारे पर सुरक्षित मौजूद मुकेश ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज लगाकर चिल्लाना शुरू किया। दुर्भाग्य से उस समय नहर के नजदीक अन्य कोई भी राहगीर या ग्रामीण मौजूद नहीं था। इसके बाद मुकेश ने बिना समय गंवाए तुरंत भागकर इस बड़े हादसे की जानकारी अपने परिजनों को दी। खबर मिलते ही बदहवास परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण तुरंत मौके पर एकत्रित हो गए। परिजनों की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासनिक अमला भी तुरंत हरकत में आया। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनिल कुमार और नाहड़ चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस की गाड़ियों के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे।

कोसली एसडीएम ने खुद संभाला मोर्चा

शुरुआत में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से दोनों युवकों को पानी में तलाशने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन नहर में जलस्तर और बहाव बहुत ज्यादा होने के कारण सफलता हाथ नहीं लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम कोसली विजय कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम को मौके पर पहुंचने के कड़े निर्देश दिए। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर आधुनिक गोताखोरों और विशेष बोट की मदद से दोनों युवाओं को नहर में तलाशने का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस दुखद हादसे के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है।