होली का त्योहार आते ही घरों में गुजिया बनाने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. बिना गुजिया के तो होली का त्योहार पूरा नहीं लगता है. पारंपरिक रूप से गुजिया की स्टफिंग मावा और ड्राई फ्रूट्स से बनाई जाती है. कुछ लोग साथ में थोड़ी सी सूजी भी एड करते हैं, जिससे दानेदार टेक्सचर आता है. लेकिन गुजिया बनाते हुए अक्सर कई लोगों को ये दिक्कत आती है की गुजिया तेल में खुल जाती है, जिससे बाकी गुजिया भी खराब हो जाती हैं.

कई बार गुजिया बिल्कुल नर्म बनती हैं, जो बिल्कुल भी टेस्टी नहीं लगतीं. आज हम आपको कुछ आसान और असरदार टिप्स बतायेंगे. जिससे आपकी गुजिया तेल में नहीं खुलेंगी, न ही नर्म और बेस्वाद बनेंगी. आइए जानते हैं कुछ जरूरी टिप्स.

आटा गूंथते समय रखें ये ध्यान

मोयन (घी) पर्याप्त मात्रा में डालें. 1 कप मैदा में लगभग 2–3 बड़े चम्मच घी डालें. घी डालने के बाद मैदा को हथेलियों से अच्छी तरह मसलें. जब मुट्ठी बांधने पर मैदा बंधने लगे, तो समझिए मोयन सही है. आटा कड़ा (टाइट) गूंथें. नरम आटा होने पर गुजिया तलते समय खुल सकती है. गूंथने के बाद आटे को कम से कम 20–25 मिनट ढककर रखें.

स्टफिंग बिल्कुल ठंडी हो

अगर आप मावा भून रही हैं तो उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. गर्म स्टफिंग भरने से गुजिया की परत गीली हो जाती है और तलते समय फट सकती है. सूजी डाल रही हैं तो उसे हल्का भूनकर ही मिलाएं, इससे अच्छा दानेदार टेक्सचर आएगा.

भरते समय न करें ये गलती

गुजिया में ज़्यादा स्टफिंग न भरें. इससे किनारे ठीक से बंद नहीं होते. किनारों पर हल्का पानी या मैदा-पानी का पेस्ट लगाकर अच्छे से दबाएं. फोल्ड करने के बाद किनारों को उंगलियों या कांटे से अच्छी तरह सील करें. चाहें तो गुजिया मेकर का इस्तेमाल कर सकती हैं.

तलते समय रखें खास ध्यान

तेल या घी मध्यम गर्म होना चाहिए. बहुत तेज गर्म तेल में गुजिया तुरंत फूलकर फट सकती हैं. आंच हमेशा मध्यम से धीमी रखें. गुजिया को धीमी आंच पर तलें ताकि वे अंदर तक कुरकुरी बनें. एक साथ बहुत ज्यादा गुजिया कढ़ाही में न डालें.

चाशनी वाली गुजिया के लिए टिप

अगर आप चाशनी में डुबोने वाली गुजिया बना रही हैं, तो: 1 तार की चाशनी तैयार करें. गुजिया हल्की गर्म हों और चाशनी भी गुनगुनी हो—तभी डुबोएं.

एक्स्ट्रा टिप

तलने से पहले गुजिया को 10–15 मिनट कपड़े से ढककर रख दें. इससे परत सेट हो जाती है और तलते समय खुलने की संभावना कम हो जाती है.