अररिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के अररिया में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया। शाह ने स्पष्ट किया कि सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ के कारण बदलती डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) एक गंभीर चिंता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किया गया ‘घुसपैठियों को बाहर निकालने’ का वादा महज चुनावी नारा नहीं है, बल्कि सरकार जल्द ही एक-एक घुसपैठिये को चुनकर बाहर करने का अभियान शुरू करने वाली है।

​SSB के लिए नई SOP और सुरक्षा चुनौतियां

​खुली सीमाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए शाह ने जवानों को SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल जैसे मित्र देशों के साथ सीमा साझा होने के बावजूद, राष्ट्रविरोधी तत्व इस रास्ते का दुरुपयोग कर सकते हैं। गृह मंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए सीमांत गांवों के निवासियों के साथ सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।

​वीर सावरकर को श्रद्धांजलि और धार्मिक यात्रा

​अपने दौरे के दौरान शाह ने महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने सावरकर को एक निडर देशभक्त और समाज सुधारक बताया। इससे पहले, शाह ने किशनगंज के प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहां उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।

​विपक्ष का पलटवार

​शाह के इस दौरे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजद विधायक रणविजय साहू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि, शाह का मुख्य फोकस सीमा चौकियों के निरीक्षण और नवनिर्मित भवनों के उद्घाटन पर रहा।