आगरा. वैसे तो प्रदेश में कागज में कानून व्यवस्था चंगा है. न सिर्फ कानून व्यवस्था चंगा है, बल्कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति भी बकायदा लागू है. प्रदेश के मुखिया भी गाहे-बगाहे जीरो टॉलरेंस की बात करते ही रहते हैं. उसके बाद भी शायद जीरो टॉलरेंस का मतलब सिस्टम में बैठे नुमाइंदे समझने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि यूपी पुलिस आए दिन अपने कारनामे को लेकर चर्चा में रहती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. एक ऑटो चालक ने दरोगा पर पिटाई कर 3 हजार वसूली कर छोड़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त से शिकायत की है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या यही भाजपा सरकार का सुशासन है?
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बता दें कि पूरा मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के बोदला चौराहे का है. जांबाज नाम के ऑटो चालक नाम ने पुलिस आयुक्त से शिकायत करते हुए बताया कि सवारी उतार ही रहा था कि बोदला चौकी पर तैनात दरोगा योगेश कुमार पहुंचे और गाली देते हुए थप्पड़ जड़ दिया. उसके बाद सिपाही की मदद से थाने लेकर गए. जहां दरोगा ने मामला दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी. वहीं अंत में 3 हजार रुपए लेकर उसे और ऑटो को छोड़ा.
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हालांकि, पूरे मामले में पुलिस सफाई पेश करते नजर आ रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में कहीं पुष्टि नहीं है कि दरोगा ने मारपीट की है या हिरासत में ले लिया था. आसपास में लगे सीसीटीवी को खंगाला गया है, लेकिन फुटेज में ऐसा कुछ नहीं दिखा. पुलिस ऑटो को चौराहे पर रुकने नहीं दे रही, जिसकी वजह से पुलिस पर ऑटो चालक गलत आरोप लगा रहे हैं. मामले की तफ्तीश की जा रही है.
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