Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में पशु बीमा योजना के क्रियान्वयन और दावों के भुगतान को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई।

कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि मंत्री जोराराम कुमावत सदन में सही जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बाड़मेर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां गैर संवैधानिक पावर सेंटर काम नहीं करने देते। इस पर पलटवार करते हुए मंत्री कुमावत ने कहा कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।

विधायक चौधरी ने सवाल किया था कि बीमा कंपनियों को कितना प्रीमियम दिया गया और किसानों को कितना क्लेम मिला? उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि मंत्री जी बहुत सज्जन हैं, लेकिन उन्हें उनके गृह क्षेत्र पाली और प्रभार वाले जिले बाड़मेर में स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप

बहस के दौरान जब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाने शुरू किए, तो विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें टोक दिया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व नोटिस के मंत्री सदन में सीधे आरोप नहीं लगा सकते। इस पर हरीश चौधरी ने कहा कि वे आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि अपने और मंत्री जी के लिए ‘संरक्षण’ मांग रहे हैं।

42 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य

मंत्री जोराराम कुमावत ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजना को फेल बताते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने लंबित दावों का निस्तारण किया है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार पशुपालकों के हित में प्रतिबद्ध है और योजना को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

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