Rajasthan News: सीकर। राजस्थान के सीकर जिले की सदर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दुर्लभ जीवों के नाम पर भोली-भाली जनता की गाढ़ी कमाई डकार रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह की मास्टरमाइंड महिला और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। ठगों ने एक किसान को कीमती उल्लू का लालच देकर 6 लाख रुपये हड़प लिए।

सदर थाना प्रभारी इंद्रराज मरोड़िया के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामली देवी (35) और सोहन बावरिया (23) के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ कि सांवलोदा लाडखानी निवासी किसान विक्रम ने करीब एक महीने पहले फेसबुक पर अपनी बाइक बेचने का विज्ञापन डाला था। इसी पोस्ट के जरिए ठगों ने किसान से संपर्क साधा।

9 फरवरी को बाइक खरीदने के बहाने दो युवक और एक महिला किसान के घर पहुंचे और 30 हजार रुपये में सौदा तय किया। इसी दौरान मुख्य आरोपी महिला ने बातों ही बातों में किसान को अपनी जाल में फंसाया और उसे एक ‘दुर्लभ और बेशकीमती उल्लू’ दिलाकर रातों-रात लखपति बनने का सपना दिखाया।

फिल्मी अंदाज में रचा गया नकली डॉक्टर का स्वांग

ठगी की यह पूरी पटकथा किसी सस्पेंस फिल्म जैसी है। 11 फरवरी को आरोपी किसान को भढाढ़र गांव ले गए। वहां उन्होंने अपने ही एक साथी को नकली डॉक्टर (खरीदार) बनाकर बुलाया। नकली डॉक्टर ने उस उल्लू की कीमत 15 लाख रुपये आंकी। ठगों ने किसान को झांसा दिया कि वे उसे यह उल्लू आधी कीमत में दिला देंगे, जिसे वह आगे महंगे दाम में बेचकर भारी मुनाफा कमा सकता है। 13 फरवरी को लालच में आकर किसान ने आरोपियों को 6 लाख रुपये सौंप दिए। पैसे मिलते ही ठग किसान को उल्लू थमाकर मौके से रफूचक्कर हो गए।

सावधान! गिरोह का तरीका है बेहद शातिर

थानाधिकारी ने बताया कि यह गिरोह सुनियोजित ढंग से ग्रामीणों को निशाना बनाता है। ये लोग अक्सर दुर्लभ उल्लू, कछुआ या अन्य बेशकीमती चीजें दिखाने का ढोंग करते हैं और शिकार का भरोसा जीतने के लिए अपने ही गैंग के सदस्यों को फर्जी खरीदार बनाकर पेश करते हैं।

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