राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी. वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया. राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं. राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं. सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी. इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं. फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी.

हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्रचंड हेलीकॉप्टर आत्मनिर्भरता का एक शक्तिशाली प्रतीक है. इस समय मैं जैसलमेर जिले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं, मैं हमारे बहादुर सैनिकों को दिल से बधाई और बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं. आपको दिल से सलाम, जय हिंद, जय भारत.

इससे पहले उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में अंबाला के एयर फोर्स स्टेशन पर रफाल फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरी थीं और IAF के दो अलग-अलग फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में, उन्होंने असम के तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन पर सुखोई-30 MKI फाइटर एयरक्राफ्ट से उड़ान भरी थीं. जिसमें उन्होंने हिमालय के नजारे के साथ ब्रह्मपुत्र और तेजपुर घाटी के ऊपर लगभग 30 मिनट तक सफर किया था.

LCH प्रचंड भारत का पहला देश में डिजाइन और डेवलप किया गया लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. एडवांस्ड एवियोनिक्स स्टेल्थ फीचर्स रात में हमला करने की क्षमता और हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, रॉकेट और 20 mm गन जैसे कई जबरदस्त हथियारों से लैस है. LCH भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को काफी बढ़ाता है.

तीन साल पहले रक्षा मंत्री ने भरी थी उड़ान

तीन साल पहले नवरात्रि पर अष्टमी के दिन हेलिकॉप्टर प्रचंड एयरफोर्स के बेड़े में शामिल हुआ था. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसमें उड़ान भरी थी. उन्होंने कहा था- “प्रचंड को वायुसेना में शामिल करने के लिए नवरात्रि से अच्छा समय और राजस्थान की धरती से अच्छी जगह नहीं हो सकती है. यह भारत का विजय रथ है. LCH सारी चुनौतियों पर खरा उतरा है. दुश्मनों को आसानी से चकमा दे सकता है. इसके नाम के साथ भले ही लाइट जुड़ा हो, लेकिन इसका काम भारी है.”

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m