दुर्ग। जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी.

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योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.

अधिवक्ता हुआ ठगी का शिकार

दुर्ग। शेयर मार्केट में निवेश पर 15 से 20 प्रतिशत प्रतिमाह लाभ दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने अधिवक्ता के साथ धोखाधड़ी की. प्रार्थी की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी है.

पुलिस ने बताया कि प्रेम नगर सिकोला भाटा निवासी अधिवक्ता ऋषभ शुक्ला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी पहचान भुवनेश्वर उड़ीसा निवासी निहार बिसवाल उर्फ निहार रंजन बिसवाल से उनके एक मित्र के माध्यम से हुई थी. आरोपी पूर्व में एक निजी कंपनी में कार्यरत था एवं स्वयं को शेयर ट्रेडिंग का जानकार बताते हुए निवेश पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाता था. रकम पर अधिक लाभ मिलने का आश्वासन मिलने प्रार्थी उसके झांसे में आ गया. आरोपी ने कहा था कि किसी प्रकार की हानि होने पर 99 प्रतिशत नुकसान व स्वयं वहन करेगा और निवेशक को केवल एक प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ेगा.

आरोपी की बातों में आकर प्रार्थी ने ट्रायल पीरियड के नाम पर 3,00,000 रुपए निवेश करने की सहमति दे दी. यह राशि उसने 24 नवंबर 2025 को अपने मित्र के बैंक खाते के माध्यम से ट्रांसफर कराई थी. जब प्रार्थी को शेयर मार्केट में गिरावट दिखने लगी तब उसने आरोपी से निवेश रोकने को कहा. तब आरोपी ने पूरी रकम सुरक्षित होने एवं नुकसान की भरपाई स्वयं करने का आश्वासन प्रार्थी को दिया था. शेयर मार्केट में नुकसान होने की बात कह कर बाद में आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया था. शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

बीएसपी के एचएसएलटी ठेका श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु

भिलाईनगर। बीएसपी में एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के प्रयास से 110 श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु हो गया है. उन्हें 2700 रु. प्रतिमाह पेंशन मिल रहा है तथा लगभग 170000 रु. मिलना प्रारंभ हो गया है. सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों ने इंटक के प्रयास के लिए इंटक आफिस जाकर आभार जताया.

भिलाई इस्पात संयंत्र में साफ-सफाई एवं उत्पादन कार्य में विगत 40 वर्षों से कार्य करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. ईपीएफ के केवाईसी लंबित रहने के कारण लगभग 10 वर्षों से प्रयासों के बावजूद उनका पेंशन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था. इस संबंध में ठेका श्रमिकों से ने स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) कार्यालय में अध्यक्ष संजय कुमार साहू संपर्क किया. विगत दो वर्षों के सतत प्रयासों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उच्च प्रबंधन, सीएलसी ठेका प्रकोष्ठ, वित्त विभाग एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर के सहयोग से 250 ठेका श्रमिकों में से 110 श्रमिकों का पेंशन प्रारंभ हो गया है. शेष श्रमिकों की प्रक्रिया प्रगति पर है.

चौराहों पर सुनाई दे रही नगाड़ों की थाप

राजनांदगांव। शहर सहित अंचल भर में अब होली का रंग दिखाई देने लगा है शहर के सभी चौक चौराहों में नगाड़ों की थाप सुनाई दे रही है. होली के बाजार में इस बार भी हर्बल रंग-गुलाब से लेकर पिचकारियों की सैकड़ो वैरायटियां बाजार में आ चुकी है. जिसकी खरीददारी भी शुरू हो गई है. बच्चों को आकर्षक पिचकारियां काफी अधिक भा रही है . पलाश के फूल से तैयार किया गया रंग गुलाल भी खूब दिख रहा है.

इस बार भी कोलकाता आगरा मुंबई बेंगलुरु चेन्नई रायपुर शैतान बड़े नगरों से बहुतायत में होली के समान मांगे गए हैं. जिनकी अधिक से अधिक बिक्री हो रही है होली का पर्व होने के चलते राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फ्लाईओवर से लेकर शहर के सभी चौक चौराहों में अब होली की दुकानें सज गई है. जहां पर लोग खरीददारी करते नजर आ रहे हैं.

व्यापारियों की माने तो इस बार भी करोड़ों का व्यवसाय होगा. राजनांदगांव जिला मुख्यालय से लेकर जिले भर में अब होली का बाजार पूरी तरह से सज गया है. शहर के सभी चौक चौराहों से लेकर बाजार क्षेत्र में भी रंग बिरंगी पिचकारियों से लेकर रंग गुलाल की दुकानें सज गई है. जहां पर लोग खरीददारी करते नजर आ रहे हैं . पलाश फूलों का रंग गुलाल भी लोग अधिक से अधिक खरीद रहे हैं.

ग्रामीण क्षेत्र के छोटे व्यापारी अधिक से अधिक खरीददारी करते नजर आ रहे हैं. अंचल भर में होली पर्व को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है. होली पर्व के पहले से ही बिक्री शुरू हो जाने से व्यापारी भी खुश नजर आ रहे . व्यापारियों की माने तो होली पर्व में इस वर्ष करोड़ों की ग्राहकी होगी है. छोटी-छोटी दुकानें भी अब चौक चौराहों में सज गई है.

ज्ञात हो कि हिंदू के प्रमुख त्योहारों के रूप में होली का विशेष महत्व है. होली का रंग पूरी तरह से चढ़ गया है. होली पर्व के दिन होलिका दहन के साथ-साथ रंगोत्सव का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है. संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय में भी इस पर्व को काफी उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है. होलिका दहन की तिथि को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति होलिका दहन की तिथि को लेकर अभी व्यास मंजेश की स्थिति बनी हुई है.

पंडित आचार्य श्री शुक्ल की माने तो 2 मार्च को भी होलिका का दहन होगा. राजनांदगांव जिला मुख्यालय से लेकर जिले भर में तैयारी पूरी कर दी गई है.

पुराने बस स्टैंड के सामने से निगम की टीम ने हटाया अतिक्रमण

राजनांदगांव। शहर के विभिन्न स्थानों में कुछ व्यवसायियो व नागरिको द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने तथा अतिक्रमण कर ठेला खोमचा व पसरा लगाने एवं मलमा रखने वालों को समझाईस देने व हटाने निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा द्वारा गठित दस्ता निरीक्षण कर एवं शिकायत के आधार पर समझाईस देकर हटाने की कार्यवाही कर रही है.

कार्यवाही के तहत आज अतिक्रमण दस्ता पुराना बस स्टैण्ड चौक, भगत सिंह चौक एवं ठा. प्यारेलाल सिंह चौक से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किए. यातायात बाधित होने से दुर्घटना की संभावना तथा साफ सफाई में अवरोध को ध्यान में रखकर निगम आयुक्त ने निगम के भवन अधिकारी एवं अतिक्रमण दस्ता को अनाधिकृत निर्माण तथा पसरा हटाने एवं ठेला खोमचा वालों को व्यवस्थित लगाने समझाईस देने के निर्देश दिये. निर्देश के अनुक्रम में अतिक्रमण दस्ता शहर के विभिन्न स्थानों में निरीक्षण कर एवं शिकायत के आधार पर अतिक्रमण स्थल मे जाकर हटाने समझाईस देने के साथ साथ नही हटाने पर कार्यवाही कर रही है.

आज की कार्यवाही में पुराना बस स्टैण्ड चौक, फ्लाई ओव्हर के अंदर सर्विस रोड में ठेला रखने पर आवागमन बाधित होने के आधार पर 3 ठेला हटाए. इसी प्रकार भगत सिंह चौक में नाली के उपर किये अतिक्रमण तोड़ा गया तथा ठा. प्यारेलाल चौक तिराहा के रोड में लगे फल दुकान को हटाया गया. अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी.

स्टेशनपारा में दो दिवसीय फाग महोत्सव 28 फरवरी से

राजनांदगांव। स्टेशनपारा राधाकृष्ण भक्त एवं मोहल्लेवासियों के तत्वावधान में 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 को दो दिवसीय फाग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा. प्रवेश निःशुल्क रखा गया है. आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का विषय श्री राधाकृष्ण जी पर आधारित रहेगा. दो दिनों तक भक्ति, सांस्कृतिक और रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी. महोत्सव में मंच पर प्रस्तुति देने वाली प्रत्येक मंडली को 1501 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी. महोत्सव का शुभारंभ 28 फरवरी (शनिवार) को होगा. कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े पदाधिकारी मुख्य अतिथि, अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे. समापन समारोह 1 मार्च (रविवार) को आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर नगर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन होगा.

3 करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं बन पाया बूढ़ा सागर में सिवरेज प्लांट

राजनांदगांव। पूर्व के वर्षों में भी ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तथा रानी सागर के सौंदर्यीकरण में करोड़ों रुपए फूंक दिए गए हैं. यहां तक की शहर के गंदे पानी का प्रवेश रोकने के लिए बूढ़ा सागर के एक किनारे पर बनाया गया सिवरेज प्लांट भी आज पर्यंत तक पूर्ण नहीं हो पाया है, जबकि इसके लिए एक मोटी रकम खर्च कर दी गई है.

आधिकारिक सूत्रों की माने तो सिवरेज प्लांट निर्माण के लिए पूर्व में 3 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी उसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. आज भी ऐतिहासिक बूढ़ा सागर में शहर के वार्डो का गंदा पानी पूरी तरह से प्रवेश कर रहा है जिससे इसके पानी का उपयोग भी लोग नहीं कर पा रहे हैं. अब फिर से ऐतिहासिक बूढ़ा सागर और रानी सागर के सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपए की राशि की सौगात दे दी गई है .

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 51 वार्ड में ऐतिहासिक तालाबों की संख्या भी सर्वाधिक है. विशेष रूप से पूर्व के राजा महाराजाओं द्वारा बनाए गए ऐतिहासिक बूढ़ा सागर और रानी सागर शहर के मध्य में स्थित है. जहां पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है.

शहर के प्रमुख ऐतिहासिक सरोवर होने के कारण इनके सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में 16 करोड रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसके माध्यम से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने के साथ-साथ दोनों तालाबों में भीट और सीढ़ियों का निर्माण भी कराया गया है. हरे भरे छायादार पौधे भी अधिक से अधिक लगाए गए हैं. लेकिन ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तथा रानी सागर के पानी को सुरक्षित रखने के लिए कोई विशेष पहन नहीं की गई है.

खास बात है कि पूर्व के वर्षों में बूढ़ा सागर के एक किनारे पर सिवरेज प्लांट का निर्माण भी कराया गया था, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी राशि खर्च कर देने के बाद भी आज पर्यंत तक यह सिवरेज प्लांट पूर्ण नहीं हो पाया है. स्थिति जस की तस बनी हुई है.

साल-दर-साल सिमटते जा रहे कुओं को सहेजने में निगम फेल

राजनांदगांव। नगरनिगम के रिकार्ड से एतिहासिक कुएं गायब हो गए है. शहर में करीब 61 कुएं पूर्व में थे, जो अतिक्रमण और कब्जे के. चलते सिर्फ 33 रह गए हैं. इसे भी सहेजने में निगम फेल साबित हो रही है. शहर के हर वार्ड में कुंआ होता था, जिसका वर्तमान में नामोनिशाल समाप्त हो गया है. हांलाकि कुछ वार्डो में अभी भी कुएं हैं, लेकिन उस पर कब्जा कर लिया गया या उसे ढक दिया गया है.

शहर के ऐसे ऐतिहासिक धरोहर का जायजा लिया. जिसमें अधिकतर कुंए पर कब्जा कर लिया गया. है. शहर के गुड़ाखू लाइन स्थित कुंए का कब्जा कर इमारत खड़े कर लिया गया है. इसके आलावा शहर के जयस्तंभ चौक ! स्थित कुएं को भी ग्रिल से ढककर उसे कब्जा कर लिया गया है. इसके उपर फल फ्रूट की दुकाने लग रही हैं.

इसके आलावा महिला बाल विकास विभाग परिसर के अंदर कुंआ को ग्रिल से ढक दिया गया है, इसका उपयोग नही हो रहा है. यही स्थिति नंदई चौक जिसे कुंआ चौक कहते है. उसे भी ढक दिया गया है. इसके आलावा राम दरबार चौक, सृष्टि कालोनी, बीएनसी मिल, सिविल लाइन, तुलसीपुर, गुड़ाखू लाइन व लखोली वार्ड में भी पुराने कुंए स्थापित हैं. इन सभी कुंआ को उपयोग नही हो रहा है. आसपास के लोगों ने बताया कि, सफाई नहीं होने के कारण कुंआ का पानी उपयोग करने लायक नही बचा है.

सालों से नहीं की गई सफाई

शहर के जानकारों की माने तो पुराने समय में हर मुहल्ले में कुएं होता था . नगरनिगम के रिकार्ड में करीब 61 कुंआ होने की बात कही जा रही है. लेकिन मौके पर देखा जाए तो आज कुंआ नही है. कई जगह कब्जे हो गए हैं. नंदई चौक के रहवासियों ने बताया कि, कई सालों से कुएं की सफाई नही हुई हैं. महिला बाल विकास विभाग स्थित कुएं में बदबू फेल गई हैं. जलस्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण घटते जलस्तर को रिचार्ज करने में कुंए का योगदान अहम है.

पीएचई विभाग की माने तो शहर में अभी पांच सौ फूट तक पानी नही मिल रहा है. ऐसे में लगातार जलस्तर गिरने से जल संकट की स्थिति निर्मित हो रही हैं. यही कारण है कि शहर में स्थित बोरवेल्स और हैंडपंप भी काम करना बंद कर देते है. ऐसे में पेयजल की समस्या हर साल बनी रहती है.

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