हैदराबाद। नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर सख्त सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और संवाद की नीति अब जमीन पर असर दिखा रही है। तेलंगाना में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व माओवादी नेताओं की औपचारिक मुलाकात हुई। बैठक में देवजी, संग्राम, सुजाता, चंद्रन्ना, दामोदर और गगन्ना शामिल थे।

जानकारी के मुताबिक बैठक में माओवादियों के पुनर्वास, सुरक्षा और समाज की मुख्यधारा में वापसी पर चर्चा हुई। इस अवसर पर डीजीपी शिवधर रेड्डी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से समाज में शामिल करने के लिए गंभीर है।

छत्तीसगढ़ से भी इसी दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। कल रायपुर पहुंचे 120 पुनर्वासित माओवादी ने विधानसभा की कार्यवाही का नजदीक से अवलोकन किया। इसका उद्देश्य उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शासन प्रणाली की समझ देना और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में भरोसा मजबूत करना बताया गया।

गौरतलब है कि तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में सामने आई ये घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सख्त सुरक्षा के साथ-साथ पुनर्वास और संवाद की नीति नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और स्थायित्व की दिशा में काम कर रही है। यह बदलाव स्थानीय समाज में सकारात्मक विश्वास पैदा करने और लंबे समय तक स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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