ग्रहों के वक्री होने या उदय-अस्त इसका ज्योतिष में सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है। कुछ के लिए इसका असर शुभ तो कुछ राशियों के लिए अशुभ प्रभाव छोड़ता है। इसकी वजह से सभी जनमानस के जीवन में उठापटक होने की संभावना होती है। बुध ग्रह 28 फरवरी की रात 10.09 बजे कुंभ राशि में अस्त हो जाएगा। बुध का अस्त होना जहां कई राशियों के लिए नकारात्मक साबित होगा तो वहीं कुछ राशियां ऐसी भी हैं, जिनके लिए ये काफी लाभकारी रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है। जब भी बुध देव अपनी स्थिति बदलते हैं तो बाजार से लेकर व्यक्ति की जेब तक पर असर पड़ता है। इस बार 28 फरवरी बुध ग्रह कुंभ राशि में अस्त होंगे जो 21 मार्च तक इसी अवस्था में रहेंगे। आमतौर पर ग्रहों का अस्त होना कमजोर माना जाता है, लेकिन इस बार का समीकरण कुछ अलग है। बुध का यह बदलाव 4 खास राशियों के लिए वरदान साबित होने वाला है, जिससे उनके करियर और बैंक बैलेंस में बड़ा उछाल आएगा।

संक्षिप्त में राशियों की बात करें तो बुध के अस्त होने से वृषभ, मिथुन, मकर और धनु के जातकों को नौकरी, व्यापार में लाभ हो सकता है। कर्क, कन्या और वृश्चिक राशि वालों को विशेष सावधानी की आवश्यकता रहेगी।

बुध अस्त के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उपाय

जब कुंडली में बुध अस्त हो तो कुछ उपाय इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मददगार साबित होते हैं। इससे प्रभावित जातकों को बुध गायत्री मंत्र ओम सौम्यरूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नो सौम्य प्रचोदयात् का जाप करना चाहिए। बुध बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। बुधवार के दिन विशेष पूजा कराने दुष्प्रभाव में कमी करता है। मां दुर्गा की पूजा करना सर्वोत्तम माना जाता है। इस अवधि में बुधवार के दिन लाल या हरे रंग के कपड़े पहनने से भी बुध का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। मान्यता है कि बुधवार के दिन ऐसे जातकों को बिना नमक वाली मूंग की दाल बनाकर खानी चाहिए। इससे लाभ मिलता है।