Holi के रंगों से सजा मौसम हो और मीठे में ठंडी-ठंडी लच्छेदार केसरिया रबड़ी कुल्फी मिल जाए, तो त्योहार की मस्ती सच में दोगुनी हो जाती है. यह पारंपरिक कुल्फी बिना मावे के, सिर्फ दूध को घंटों तक पकाकर गाढ़ा करके बनाई जाती है जिससे इसका स्वाद और भी रिच और असली बनता है. आइए जानते हैं इसकी आसान और स्वादिष्ट रेसिपी.

सामग्री
फुल क्रीम दूध – 1.5 लीटर
चीनी – ½ कप
केसर – 1 छोटा चम्मच (1 बड़ा चम्मच गुनगुने दूध में भीगी हुई)
इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
बारीक कटे पिस्ता – 2 बड़े चम्मच
बारीक कटे बादाम – 2 बड़े चम्मच
कॉर्नफ्लोर – 1 छोटा चम्मच (गाढ़ापन के लिए)
विधि
- सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालें. उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और दूध को लगातार चलाते हुए पकाएं.
- किनारों पर जमती मलाई को चम्मच से खुरचकर बीच में मिलाते रहें. लगभग 35–45 मिनट तक पकाएं जब तक दूध आधा न रह जाए. इससे लच्छेदार रबड़ी तैयार होगी.
- जब दूध गाढ़ा हो जाए तो उसमें चीनी डालकर 5–7 मिनट और पकाएं. अब भीगी हुई केसर, इलायची पाउडर और आधे कटे मेवे डालें. अच्छे से मिलाकर गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें.
- अगर आप ज्यादा क्रीमी टेक्सचर चाहते हैं तो 1 छोटा चम्मच कॉर्नफ्लोर को 2 चम्मच दूध में घोलकर मिश्रण में मिलाएं और 2–3 मिनट पकाएं.
- तैयार मिश्रण को कुल्फी मोल्ड या छोटे गिलास में भरें. ऊपर से बचा हुआ मेवा डालें. 6–8 घंटे या रातभर के लिए फ्रीजर में जमने रखें.
- कुल्फी को मोल्ड से निकालने के लिए 10–15 सेकंड के लिए सांचे को हल्के गुनगुने पानी में डुबोएं. प्लेट में निकालकर ऊपर से पिस्ता और केसर से सजाएं.


