प्रदीप मालवीय, उज्जैन। भोले की नगरी में होली का पर्व अनूठे अंदाज में मनाया गया। यहां शिप्रा नदी के किनारे महाकाल वन में भक्त शिव की भक्ति में लीन होकर झूमते गाते नजर आए। भगवान शिव पार्वती और उनके गण अर्थात भूत पिशाच इस होली में शामिल होते है और उनके साथ भक्त भक्ति के रंग में रंगकर शिवमय हो गए। यहां अबीर गुलाल के साथ फूलों की होली खेली गई।

शिप्रा नदी तट पर महाकाल वन में होली का आयोजन

धर्म नगरी उज्जैन में शिव अर्थात महाकाल और पार्वती अर्थात शक्तिपीठ माता हरसिद्धि दोनों का साक्षात वास है इसीलिए यहां होली उत्सव शिव पार्वती साथ मनाते है। होली के एक दिन पहले महाकालेश्वर मंदिर और माता हरसिद्धि मन्दिर के पास शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकाल वन में होली उत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन में शिव और पार्वती प्रतीकात्मक रूप में शामिल हुए । मानो ऐसा लग रहा था कि साक्षात भोलेनाथ अपनी अर्धांगिनी के साथ आ गए है। जब यहां शिव पार्वती स्वयं नाचने लगे तो भक्त भी अपने आप को रोक नही पाए और झूमते गाते नजर आए।

जुलूस के रूप में भक्त व शिव के गण नाचते गाते पहुंचे

होली उत्सव मनाने के लिए शिव के गण अर्थात भूत पिशाच और नंदी भी यहां शामिल हुए वे अद्भुत अंदाज में सजे हुए थे। मानों साक्षात शिव की सेना आ गई हो। जुलूस के रूप में भक्त व शिव के गण नाचते गाते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचे। इस दौरान महिला भक्तों ने शिव पार्वती के साथ बैठकर भजन गए और एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाया। खास बात यह है कि यह आयोजन महाकाल मंदिर शयन आरती भक्ति मंडल द्वारा किया जाता है। इस आयोजन में एक ओर भक्त चौसर खेलते नजर आए तो दूसरी ओर भांग भी घोटी जा रही थी।

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