हरियाणा के नारायणगढ़ में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) की स्थापना के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 750 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री प्रक्रिया और लैंड पुलिंग योजना की जानकारी दी गई।

राजेश वर्मा, अंबाला। जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। एचएसआईआईडीसी के चीफ कोर्डिनेटर (इंडस्ट्रीज) सुनील शर्मा ने किसानों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर के दौरान बताया गया कि प्रथम चरण में लगभग 750 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में किसानों के हितों को सुरक्षित रखते हुए और उनकी पूर्ण सहमति के साथ क्रियान्वित की जा रही है।

पारदर्शी प्रक्रिया और मुआवजा दरें

चीफ कोर्डिनेटर सुनील शर्मा ने स्पष्ट किया कि आईएमटी परियोजना नारायणगढ़ के औद्योगिक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई ‘हाई पावर लैंड परचेज कमेटी’ की बैठक में किसानों की सहमति से जमीन का रेट 1 करोड़ 55 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। पूरी प्रक्रिया ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से अत्यंत पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। किसानों को रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर

आईएमटी की स्थापना से नारायणगढ़ क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। पूर्व वाइस चेयरमैन पवन गुर्जर और पूर्व सरपंच रणधीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योग और किसान दोनों को साथ लेकर चल रही है। लैंड पुलिंग योजना के माध्यम से किसानों को न केवल उचित दाम मिलेगा, बल्कि वे विकास में भागीदार भी बनेंगे। शिविर में उपस्थित किसानों, जिनमें धन्नी राम, धर्मेन्द्र, श्याम लाल और हरदेव सिंह शामिल थे, ने इस परियोजना का स्वागत किया। उनका मानना है कि उद्योगों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

परियोजना के अंतर्गत आने वाले प्रमुख क्षेत्र

इस आईएमटी का निर्माण मुख्य रूप से गांव डेरा, हमीदपुर, चेचीमाजरा और टोका की भूमि पर किया जाएगा। शिविर में एचएसआईआईडीसी के एस्टेट मैनेजर नितिन सचदेवा, अतिरिक्त महाप्रबंधक अजय बंसल, डीटीपी पूजा रानी और एग्रीगेटर मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसानों की सकारात्मक सोच और सहयोग से यह परियोजना जल्द ही धरातल पर साकार होगी, जिससे पूरे क्षेत्र का कायाकल्प सुनिश्चित होगा।