अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करार देते हुए कहा – ‘अब उनके पास एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और नेतृत्व कुछ भी बचा नहीं है. वे बातचीत करना चाहते हैं, मैंने कहा ‘बहुत देर हो गई!’ डोनाल्ड ट्रंप का ये दावा युद्ध के चौथे दिन आया है, जब दोनों पक्षों से धुआंधार मिसाइलें चल रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अब उनके पास लीडरशिप से लेकर सैन्य क्षमता तक कुछ नहीं बचा और तब उन्हें बात करनी है लेकिन अब देर हो चुकी है.

दूसरी ओर ईरान के स्वर्गीय सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद अली खमेनई के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान ‘सम्मान के साथ बातचीत के लिए तैयार है’. उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ता ऐसे ढांचे में होनी चाहिए जहां किसी पर दबाव न डाला जाए और ईरान के अधिकारों का सम्मान हो. डॉक्टर इलाही ने कहा कि ईरान हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहा है, लेकिन पिछले समय में अमेरिका की कार्रवाइयों ने भरोसे को कमजोर किया है. उनका कहना है कि ईरान अपनी क्षेत्रीय कार्रवाईयों को सेल्फ डिफेंस के रूप में देखता है और संवाद का लक्ष्य शांति होना चाहिए, न कि उच्च‑शक्ति का शर्तें थोपना.

ईरान ने पूछा – हम क्यों थे खतरा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बगाएई ने भी कहा कि जो कुछ कहा जा रहा है कि ईरान ने किसी अंतिम प्रस्ताव को ठुकरा दिया, वह वास्तविकता का गलत चित्रण है. बगाएई ने अमेरिकी और इजराइली दावों को झूठ करार दिया और सवाल उठाया कि ईरान अमेरिका के लिए किस तरह का तत्काल खतरा बन सकता है. उन्होंने कहा – ‘क्या ईरान ने अमेरिकी तटों पर सैनिक भेजे हैं? क्या हमने व्हाइट हाउस पर मिसाइलें दागी हैं? क्या यह ईरान की गलती है कि उसके चारों ओर सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं?

डोनाल्ड ट्रंप का दावा- 4 हफ्ते चलेगी जंग

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मार्को रूबियो और अन्य अमेरिकी नेता इजराइल की ओर से हस्तक्षेप करने का निर्णय लेकर ईरान को गलत रूप में पेश कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से दावा किया गया कि ईरान एक तत्काल खतरा था, बगाएई ने इसे खारिज करते हुए पेंटागन की अपनी रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि ईरान अमेरिका के लिए कोई खतरा नहीं था. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने संबोधन में कहा कि ईरान को समझाया गया, लेकिन वो नहीं समझा, जिसकी वो सजा भुगत रहा है. ट्रंप ने साफ कर दिया कि ये जंग 4 हफ्ते चलेगी और अमेरिका खतरे को पूरी तरह खत्म कर देगा.