गया। जिले के इमामगंज प्रखंड की झिकटिया ग्राम पंचायत स्थित उरदाना गांव में शनिवार को 28 वर्षीय बीरू पासवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मातम छा गया। उनकी मौत 1 मार्च को गुजरात की एक निजी स्टील फैक्टरी में हुए हादसे में हो गई थी। शव के गांव पहुंचते ही सैकड़ों ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे
परिजनों के मुताबिक, बीरू पासवान गुजरात में क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। घटना के दिन फैक्टरी परिसर में भट्टी फटने की अफवाह फैल गई, जिससे अफरातफरी मच गई। इसी दौरान घबराहट में बीरू लगभग 100 फीट की ऊंचाई से नीचे कूद गए। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
छह महीने पहले गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में हुई थी
बीरू की शादी महज छह महीने पहले गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में हुई थी। उनकी पत्नी गर्भवती हैं। बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से वे छठ पर्व के बाद गुजरात काम करने गए थे। उनकी असमय मृत्यु से वृद्ध माता-पिता, गर्भवती पत्नी और अन्य परिजनों के सामने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
सरकारी सहायता देने की मांग की है
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है। साथ ही गुजरात सरकार से भी आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं, जहां उन्हें जोखिम भरे माहौल में काम करना पड़ता है। उन्होंने बिहार में स्थायी रोजगार सृजित करने की मांग उठाई है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और परिजन न्याय व सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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