मुजफ्फरपुर। बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पटना से परीक्षा देकर मुजफ्फरपुर लौट रही एक छात्रा के साथ चलती बस में छेड़खानी और शारीरिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोपी बस कंडक्टर ने ढाई घंटे के सफर को छात्रा के लिए एक भयावह दुःस्वप्न बना दिया। छात्रा की हिम्मत और परिजनों के सहयोग से अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है।

​सफर के दौरान बदसलूकी और ‘बैड टच’

​पीड़िता मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र की निवासी है। बुधवार को वह अपनी परीक्षा देने पटना गई थी। शाम को लौटते समय उसने एक निजी बस पकड़ी। चश्मदीदों और पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, जब बस वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बस के कंडक्टर ने छात्रा पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते कंडक्टर अपनी मर्यादा लांघ गया और उसने छात्रा को कई बार गलत तरीके से छूने की कोशिश की।

​ढाई घंटे तक खौफ के साये में छात्रा

​छात्रा ने कंडक्टर की हरकतों का कड़ा विरोध किया, लेकिन आरोपी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। रास्ते भर वह छात्रा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। अकेली छात्रा इस कदर सहम गई थी कि वह करीब ढाई घंटे तक डर और तनाव के बीच सफर करने को मजबूर रही। मुजफ्फरपुर बस स्टैंड उतरने के बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंची और आपबीती परिजनों को सुनाई।

​सदर थाने में ‘जीरो FIR’ और पुलिस की कार्रवाई

​घटना की गंभीरता को देखते हुए परिजन देर रात ही छात्रा को लेकर मुजफ्फरपुर के सदर थाने पहुंचे। चूंकि घटना का मुख्य स्थल वैशाली जिला (सराय थाना क्षेत्र) था, इसलिए तकनीकी आधार पर मुजफ्फरपुर पुलिस ने ‘जीरो FIR’ दर्ज की। सदर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद केस को संबंधित सराय थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

​आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास

​छात्रा ने पुलिस को बस का विवरण और आरोपी कंडक्टर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है। जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी पटना के बड़ी पहाड़ी इलाके का रहने वाला है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा। यह घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा चेतावनी संकेत है।