पटना। जिले के मोकामा स्थित औंटा गांव में गुरुवार को माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब ग्रामीणों और CRPF के जवानों के बीच तीखी झड़प हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते हिंसा में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के कुल 8 लोग घायल हो गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

​DIG का कड़ा रुख

​घटना की सूचना मिलते ही DIG रवींद्र कुमार भगत और स्थानीय SDPO दल-बल के साथ औंटा गांव पहुंचे। DIG ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, हम ग्रामीणों और सीआरपीएफ जवानों, दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान दर्ज कर रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है; चाहे गलती ग्रामीणों की हो या जवानों की, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

​अधिकारियों ने घर-घर जाकर लिया जायजा

​जांच के दौरान अधिकारी केवल मुख्य रास्तों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने गांव की गलियों और उन घरों का भी दौरा किया जहां जवानों पर तोड़फोड़ के आरोप लगे थे। DIG ने पीड़ित महिलाओं और पुरुषों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी आपबीती सुनी। उन्होंने घायलों के चोट के निशानों और घरों में हुए नुकसान का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि घटना की वास्तविक कड़ियों को जोड़ा जा सके। वर्तमान में गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।