फिरोजपुर। पंजाब के फिरोजपुर जिले के ममदोट कस्बे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के गांव कड़मा में बुधवार शाम दो गुटों के बीच हुई अंधाधुंध गोलीबारी में दो लोगों की जान चली गई। हैरानी की बात यह है कि इस खूनी संघर्ष की जड़ में बच्चों के बीच कबूतरबाजी को लेकर हुआ मामूली विवाद था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत होली के दिन बच्चों के बीच कबूतरबाजी को लेकर हुई बहस से हुई थी।

बुधवार शाम दोनों पक्ष इस मसले को सुलझाने और ‘राजीनामा’ (समझौता) करने के लिए इकट्ठा हुए थे। लेकिन बातचीत के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि सुलह की जगह गोलियां चल गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समझौते के दौरान एक पक्ष के सदस्य ने दूसरे पर गोली चला दी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी हथियार छीनकर जवाबी फायरिंग की। इस गैंगवार जैसी स्थिति में दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतकों की पहचान, खलारा सिंह उर्फ मुन्ना (45 वर्ष): निवासी गांव कड़मा और जग्गी सिंह उर्फ जज सिंह: निवासी गांव टिब्बी कलां के रूप में हुई है।

भारी पुलिस बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्ष समझौता करने बैठे थे, तभी विवाद हिंसक हो गया।