राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी कैबिनेट विस्तार के आसार नहीं दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार अब नए सिरे से मंत्री और विधायकों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट कार्ड में प्रदर्शन, विभागीय कामकाज, जनसंपर्क और अन्य पैरामीटर्स का मूल्यांकन होगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल के चेहरे तय किए जाएंगे। 

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सूत्र बताते हैं कि करीब 5-6 मंत्रियों के चेहरे बदले जा सकते हैं, कुछ को बाहर किया जा सकता है, जबकि परफॉर्मेंस अच्छी होने पर कुछ को बरकरार रखा जाएगा। लेकिन विस्तार से पहले फोकस राजनीतिक नियुक्तियों पर है। निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां इसी महीने होने की संभावना है। होली के बाद से ही दिल्ली-भोपाल के बीच चर्चाएं तेज हुईं, लेकिन कुछ नामों पर वीटो लगने से सूची में देरी हुई। अब होली खत्म होने के साथ ही ये नियुक्तियां पहले पूरी होंगी, उसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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यह कदम सरकार को मजबूत करने और 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले टीम को रिफ्रेश करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दी जाएगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रिपोर्ट कार्ड के बाद ही बड़ा फैसला आएगा।

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