शब्बीर अहमद, भोपाल। पूर्व RTO कॉन्स्टेबल की अकूत संपत्ति पर अब सरकारी मुहर लग गई है। मामला है सौरभ शर्मा का, जो परिवहन विभाग में मामूली कॉन्स्टेबल थे, लेकिन जांच में उनके पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (BPU) की कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहराया है।
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अथॉरिटी ने फैसला दिया है कि दिसंबर 2024 में जब्त 51.8 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश – कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति – सौरभ शर्मा की ही है। इसमें सहयोगी चेतन सिंह गौर को बेनामीदार माना गया है, जबकि सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक घोषित किया गया है।
यह सब शुरू हुआ दिसंबर 2024 में जब लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर एक के बाद एक छापे मारे। 18-19 दिसंबर की दरमियानी रात भोपाल के मेंडोरी जंगल में एक इनोवा कार से 11 करोड़ कैश और 51.8 किलो सोना बरामद हुआ। कार चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड थी, लेकिन जांच में इसका लिंक सौरभ शर्मा से जुड़ा पाया गया।
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आयकर विभाग ने इस लेनदेन को बेनामी लेनदेन (Benami Property Act की धारा 2(9)(A) के तहत) माना और अब इस संपत्ति को सरकारी खजाने में जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ED ने भी पहले ही सौरभ शर्मा की 92 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की थी, और कुल जब्ती 100 करोड़ के पार पहुंच चुकी है।

