दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने विनय कुमार सक्सेना (Vinay Kumar Saxena) को लद्दाख का उपराज्यपाल बनाए जाने की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि गरीबों की बददुआ हमेशा उनका पीछा करेगी और ईश्वर उन्हें उनके कर्मों की सजा जरूर देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई फैसलों के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी और उसका असर उनके राजनीतिक भविष्य पर भी पड़ेगा। आप नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में गरीब और आम नागरिकों से जुड़े कई मुद्दों पर एलजी की भूमिका विवादों में रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर हर फैसले का जवाब जरूर मिलेगा।

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता Saurabh Bharadwaj ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “बड़े बेआबरू होकर मेरे कूचे से तुम निकले। एलजी विनय सक्सेना ने आते ही एक्साइज मामले को उठाना शुरू किया और अपने चहेते अफसरों से फर्जी जांच करवाई। मगर उनकी सारी नौटंकी कोर्ट में धरी की धरी रह गई। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मोदी सरकार की CBI और उसकी कार्यप्रणाली को नंगा कर दिया।” उन्होंने आगे लिखा कि एलजी को दंड मिलना तय था, इसलिए “यमुना के स्वयं घोषित एक्सपर्ट यमुना को और गंदा छोड़कर चले गए।” आप नेता ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि जिन गरीबों को सताया गया, जिन लोगों को नौकरी से निकाला गया और जिनकी मौत का कारण बने, उनके परिवारों की बद्दुआ उनका पीछा करती रहेगी। उन्होंने लिखा कि ईश्वर उन्हें उनके कर्मों की सजा जरूर देंगे, चाहे इस जन्म में या अगले जन्म में।

AAP की सरकार से लगातार रहा टकराव

दिल्ली के उपराज्यपाल रहे विनय कुमार सक्सेना को अब केंद्र शासित प्रदेश Ladakh का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं वरिष्ठ राजनयिक Taranjit Singh Sandhu को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। विनय कुमार सक्सेना लगभग चार साल तक Delhi के उपराज्यपाल रहे। उनके कार्यकाल के दौरान शासन और प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर तत्कालीन Aam Aadmi Party सरकार के साथ उनका टकराव देखने को मिला। सक्सेना ने 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के मामले में CBI से जांच कराने की सिफारिश की थी, जिसके बाद यह मामला बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया। पूर्व दिल्ली सरकार ने उस समय उन पर प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप करने और अधिकारियों के तबादलों में शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए थे। हालांकि सक्सेना की ओर से इन आरोपों को खारिज किया जाता रहा।

46 महीने का रहा कार्यकाल

विनय सक्सेना ने 26 मई 2022 को दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल लगभग 46 महीने का रहा। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई प्रशासनिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई और कई योजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रयास किया। इसी दौरान राजधानी की राजनीति में भी बड़े बदलाव देखने को मिले। उनके कार्यकाल में ही Bharatiya Janata Party ढाई दशक से अधिक समय बाद दिल्ली की सत्ता में लौटने में सफल रही। दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

भाजपा सरकार बनने के बाद सड़क पर कम दिखे

विनय सक्सेना ने उपराज्यपाल का कार्यभार संभालने के बाद राजधानी Delhi में कई प्रशासनिक और सफाई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सड़कों से लेकर नालों तक की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए खुद मैदान में उतरकर निरीक्षण किया। इसके अलावा Delhi Development Authority (डीडीए) के साथ मिलकर दिल्ली में कई नए पार्क और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी काम किया गया। राजनीतिक स्तर पर भी उनका कार्यकाल काफी चर्चित रहा। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal से जुड़े कथित Delhi Excise Policy Case की शिकायत CBI को भेजने की सिफारिश की थी। इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही AAP के कई नेताओं को भी जेल जाना पड़ा, जिससे दिल्ली की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m