राजधानी में दवाओं की गुणवत्ता और स्टोरेज व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह (Pankaj Kumar Singh) के निर्देश पर ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने शहर के होलसेल दवा बाजारों में छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अधिकारियों की टीम ने राजधानी के विभिन्न दवा बाजारों में 6 होलसेल दवा फर्मों की जांच की। निरीक्षण के दौरान दवाओं की स्टोरेज व्यवस्था, खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने 6 होलसेल दवा फर्मों की जांच की। जांच में सामने आया कि इनमें से 4 फर्में दवाओं के स्टोरेज और रिकॉर्ड रखने से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। कई जगह दवाओं की खरीद से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे पैकेट भी मिले जिन पर “इंस्टीट्यूशनल सप्लाई” का निशान मिटाया गया था। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गड़बड़ियां दवाओं की आपूर्ति और बिक्री की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
बड़ी मात्रा में मिलीं इंसुलिन दवाएं
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में इंसुलिन दवाएं भी मिलीं। इनमें Tresiba FlexTouch, Glaritus Cartridge, Humalog Mix KwikPen, Apidra SoloStar और Toujeo SoloStar जैसी दवाएं शामिल थीं। जांच के दौरान अधिकारियों ने कुल 2104 यूनिट इंसुलिन जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 6 हजार 24 रुपये बताई जा रही है।
कोल्ड चेन का नहीं किया जा रहा था पालन
सबसे गंभीर मामला यह सामने आया कि दो फर्में इंसुलिन जैसी संवेदनशील दवाओं को सामान्य कमरे के तापमान पर रख रही थीं, जबकि इन्हें सुरक्षित रखने के लिए ठंडे तापमान वाली “कोल्ड चेन” में रखना जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि इंसुलिन को सही तापमान पर न रखा जाए तो उसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है और मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
2 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज
मामले को गंभीर मानते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने दो फर्मों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 और Drugs Rules, 1945 के तहत की गई है। इसके साथ ही जब्त की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने दी सख्त चेतावनी
इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार दवाओं के स्टोरेज और वितरण पर कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति जीवन रक्षक दवाओं से जुड़े नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डायबिटीज मरीजों के लिए इंसुलिन बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और लाखों मरीज रोजाना इंसुलिन पर निर्भर हैं। इसलिए इन दवाओं को सही तापमान पर रखना और सुरक्षित तरीके से मरीजों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसी कारण सरकार समय-समय पर दवा बाजारों में जांच अभियान चलाती रहती है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं मिल सकें।
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