कुंदन कुमार /पटना। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रूस-भारत तेल व्यापार के संदर्भ में अमेरिका द्वारा दी गई कथित अनुमति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे को सीधे तौर पर देश के स्वाभिमान और 150 करोड़ भारतीयों की संप्रभुता से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की है।
स्वाभिमान और संप्रभुता का सवाल
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की ‘अनुमति’ देना हमारे राष्ट्र की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि 150 करोड़ स्वाभिमानी भारतीयों के प्रतिनिधि होने के नाते उन्हें तुरंत प्रभाव से यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत एक मजबूत, स्वतंत्र और सक्षम देश है। भारत अपने रणनीतिक और व्यापारिक निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और उसे किसी दूसरे देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि
बदलती वैश्विक राजनीति का उल्लेख करते हुए तेजस्वी ने जोर दिया कि भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखना होगा। उनके अनुसार, भारत के फैसले केवल देश की जनता के कल्याण और दूरदर्शी सोच से प्रेरित होने चाहिए, न कि किसी बाहरी दबाव या वैश्विक शक्तियों के हस्तक्षेप से।
प्रधानमंत्री से कड़े संदेश की अपेक्षा
विपक्ष के नेता ने रेखांकित किया कि स्वतंत्र नीति ही भारत की आत्मा है। प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के सामने यह संदेश मजबूती से देना चाहिए कि भारत अपनी जरूरतों के लिए किसी का मोहताज नहीं है। एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारे फैसले हमारे अपने होने चाहिए, जो वैश्विक राजनीति में भारत की स्वतंत्र पहचान को और मजबूत करें।
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