लखनऊ. उत्तर प्रदेश में LPG गैस को लेकर संकट गहराता जा रहा है. घटते स्टॉक पर तेल कंपनियों ने चिंता जताई है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी गई है. एजेंसियों को घरेलू सिलेंडर सप्लाई पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं. जिसके चलते होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक परेशान हो गए हैं. दूसरी ओर कई शहरों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर में इसका असर देखने को मिल रहा है. 4-5 दिन बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है. गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं. गैस संकट के बीच लोग लकड़ी स्टॉक करने लगे हैं.
बता दें कि रायबरेली में भी गैस सिलेंडर को लेकर ऐसे ही हालात हैं. शहर के निवासियों को पिछले कई दिनों से रसोई गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है. शहर के गोरा बाजार स्थित कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन कई को रिफिल नहीं मिल पा रहा है. यह समस्या केवल रायबरेली तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे सीतापुर, लखीमपुर खीरी, नोएडा आदि में भी देखी जा रही है. मुख्य कारण मध्य पूर्व (ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध) का है. ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से एलपीजी आयात में देरी हुई है.
इसे भी पढ़ें : ‘भाजपा दल नहीं दलाल…’, अखिलेश ने आलू के गिरते दामों को लेकर BJP सरकार को घेरा, कहा- ये किसानों को अपने ही खेत में मालिक से मजदूर बना दें
कोई वास्तविक कमी नहीं
दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक है, कोई वास्तविक कमी नहीं है. केवल precautionary buying (एहतियाति खरीदारी) से अस्थायी दबाव है. उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की रसोई चलाना मुश्किल हो गया है. महिलाएं और परिवार सुबह से शाम तक एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं. कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 1500 तक बिक रहे हैं.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

