लखनऊ. बीते 7 मार्च को गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की काशी से शुरुआत हो चुकी है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में ये धर्मयुद्ध यात्रा निकली, जो देर शाम लखनऊ प्रवेश कर चुकी है. इस यात्रा के माध्यम से गाय को राज्य माता का दर्जा दिलवाने की मांग की जा रही है. साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जब मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उन्होंने यह अभियान शुरू किया. अब वो मियाद भी पूरी हो चुकी है. शंकराचार्य लखनऊ भी प्रवेश कर चुके हैं. वहीं उनके कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने देर से ही सही लेकिन अनुमति दे दी है. हालांकि प्रशासन ने उनके सामने 26 सख्त शर्ते रखी हैं.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गो रक्षा से ही विश्व रक्षा होगी. जब जब गाय खतरे में है, तब तब देश पर संकट मंडराएगा. वहीं लखनऊ में होने वाली सभा को लेकर प्रशासन के अपडेट को लेकर स्वामी ने तंज कसा है. शंकराचार्य बोले- यहां नेटवर्क कमजोर है, जब निकलेंगे तब पता चलेगा. उन्होंने कहा, जो भी सरकारें हैं, वो हमारी हैं. जनता भी चाहती है कि गो माता का संकल्प पूरा हो, इसलिए गाय को राष्ट्रमाता की पदवी मिलनी चाहिए.
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स्वामी ने बताया कि कल यानी बुधवार को विजय मुहूर्त में दोपहर 2.15 बजे गणेशपूजन के बाद गोप्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना होगी. फिर गोमाता की रक्षा के लिए होने वाले धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा. उन्होंने कहा कि ‘अनुमति मिल चुकी है, हालांकि बिल्कुल एक दिन पहले अनुमति देने का मतलब ही यही है कि बहुत से लोग ना आ सकें. कोई बात नहीं है, जो लोग यहां के लिए चल चुके हैं वे आएं कार्यक्रम होगा और जो लोग नहीं आ पा रहे हैं तो हमारा कहना है कि कल दोपहर 2.30 बजे लाइव प्रसारण होता रहेगा उसमें देखते रहें, जैसे ही शंखनाद का अवसर आए तो गोरक्षा के लिए अपने अपने शहर, कस्बे, गांव में जितने लोग इकट्ठा हो सकते हैं इकट्ठा होइए और गोरक्षा के लिए अपनी ही जगह से शंखनाद करिए.’
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