कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पवन खेड़ा मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को न्यायपालिका से मिली बड़ी राहत पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। चंडीगढ़ में जारी एक बयान में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सत्य और संवैधानिक अधिकारों की जीत करार दिया। राव नरेंद्र ने कहा कि शीर्ष अदालत के इस हस्तक्षेप से न्यायपालिका की निष्पक्षता और गरिमा एक बार फिर देश के सामने मजबूती से सिद्ध हुई है। उन्होंने इस निर्णय को उन सभी लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संजीवनी बताया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करते हैं।
असम सरकार और पुलिस की भूमिका पर प्रहार
राव नरेंद्र ने असम सरकार और वहां की पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि पवन खेड़ा के विरुद्ध की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह विपरीत थी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में कानून का उपयोग बेहद संतुलित, विवेकपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। उन्होंने इसे जल्दबाजी और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई।
लोकतंत्र की रक्षा और भविष्य का संदेश
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि न्याय की इस जीत ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है, लेकिन साथ ही यह एक चेतावनी भी है। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा संवैधानिक मूल्यों और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में इस तरह की न्यायिक सक्रियता ने आम नागरिकों के भरोसे को कायम रखा है और यह साबित किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

