अनमोल मिश्रा, सतना। एमपी के सतना शहर के सिटी कोतवाली थाने में आधी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब दो पुलिसकर्मियों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। वर्दीधारी जवानों के बीच हुए इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सिटी कोतवाली थाना परिसर में देर रात किसी बात को लेकर दो आरक्षकों के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी। थाना परिसर में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तब तक घटनाक्रम का वीडियो किसी के मोबाइल कैमरे में कैद हो चुका था।
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दोनों आरक्षक लाइन अटैच
घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की छवि को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आम नागरिकों का कहना है कि जिस पुलिस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, यदि उसी के कर्मचारी आपस में इस तरह सार्वजनिक रूप से विवाद करते दिखाई दें तो यह अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण माना जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सीएसपी को जांच के आदेश
साथ ही पूरे मामले की जांच सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंप दी गई है। जांच के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विवाद के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई पुराना विवाद था या फिर किसी तात्कालिक मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।
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विभाग की साख प्रभावित
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में अनुशासन और आचरण संबंधी नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है। अधिकारियों का मानना है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है और इस प्रकार की घटनाएं विभाग की साख को प्रभावित करती हैं।

