अलवर। अलवर जिले में इस बार गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में बताई जा रही है और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। अनुकूल मौसम और समय पर हुई मावठ का फसल पर सकारात्मक असर पड़ा है। इसी के चलते किसानों को इस सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इधर सरकार ने भी गेहूं खरीद को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। भरतपुर, डीग और करौली जिलों में एफसीआई की ओर से होने वाली खरीद की निगरानी अलवर मंडल प्रबंधक स्तर से की जाएगी। सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो गई है और यह प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी।
खरीद केंद्रों पर किस्म निरीक्षकों की तैनाती कर दी गई है, ताकि गुणवत्ता के अनुसार गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जा सके। हालांकि अभी मंडियों में गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि जैसे ही आवक बढ़ेगी किसानों को उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए खरीद केंद्रों पर तुलाई, भंडारण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं राज्य सरकार ने बजट सत्र में 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। ऐसे में किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा।
पंजीकरण जरूरी
एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया 1 फरवरी से शुरू हो चुकी है। किसान राज्य सरकार के किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आवेदन कर अपनी उपज बेच सकते हैं।
यहां बनाए गए खरीद केंद्र
गेहूं की खरीद के लिए अलवर मंडी, मालाखेड़ा, राजगढ़, गोविंदगढ़, खेरली, बड़ौदामेव, लक्ष्मणगढ़, किशनगढ़बास, खैरथल और बाल्लुपुरा को खरीद केंद्र बनाया गया है। यहां किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत गेहूं की खरीद की जाएगी।

