रोहतक में किसान की शिकायत दबाने के आरोप में SHO और हवलदार को निलंबित कर दिया गया है। पिछले एक साल में इस 'हॉट सीट' पर यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कभी शराब कांड में कार्रवाई… कभी शिकायत दबाने पर सस्पेंशन… तो कभी रसूखदारों को बचाने के आरोप। पिछले एक साल में एक ही थाने की कुर्सी पर बैठे पांच से ज्यादा थाना प्रभारी कार्रवाई की भेंट चढ़ चुके हैं। पुलिस महकमे में अब यह कुर्सी “हॉट सीट” के नाम से चर्चा में है, जहां पोस्टिंग तो मिलती है… लेकिन टिकना मुश्किल हो जाता है।

हर कुछ महीनों में नया SHO आता है… कुछ दिन सिस्टम चलता है… फिर अचानक कोई शिकायत ऊपर पहुंचती है और उसी कुर्सी से एक और अधिकारी हट जाता है। अब एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। किसान की शिकायत दबाने का आरोप लगा… मामला सीएम विंडो तक पहुंचा… और फिर विभाग में हड़कंप मच गया।

रोहतक जिले में ताजा कार्रवाई के तहत SHO Ravindra Kumar और हवलदार Naresh Kumar को फसल चोरी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एसपी Gaurav Rajpurohit ने यह कार्रवाई किसान की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की।

फरमाणा खास गांव निवासी शशि के अनुसार उसकी सवा एकड़ जमीन से रात के समय गेहूं चोरी कर लिया गया था। उसने 16 अप्रैल को शिकायत दी, लेकिन 15 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शिकायत सीएम विंडो तक पहुंची। मामला ऊपर पहुंचते ही SHO और हवलदार दोनों पर गाज गिर गई।

इससे पहले भी इसी थाने में कई SHO कार्रवाई झेल चुके हैं। फरवरी 2026 में तत्कालीन थाना प्रभारी Subhash को जब्त शराब बेचने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया था। वहीं सतपाल, प्रह्लाद सिंह और रमेश कुमार जैसे अधिकारियों पर भी अलग-अलग मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।

अब पुलिस महकमे में चर्चा इस बात की है कि आखिर इस कुर्सी पर बैठने वाला लगभग हर अधिकारी विवादों में क्यों घिर रहा है? क्या यह सिर्फ लापरवाही का मामला है… या फिर सिस्टम के भीतर ऐसा दबाव और खेल है, जो हर बार एक नए SHO को अपने घेरे में ले लेता है