Rajasthan Gas Crisis: राजस्थान में गहराते एलपीजी गैस संकट के बीच विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने हाल ही में हालात सामान्य होने की बात कही थी। जूली ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर हालात ठीक हैं, तो आखिर लोग गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारों में क्यों खड़े हैं?

टीकाराम जूली ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हर अच्छी चीज का श्रेय लेने में तो आगे रहते हैं, लेकिन जब जनता संकट में है, तो वे जिम्मेदारी से क्यों भाग रहे हैं? उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार को तुरंत एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए ताकि जनता को रसोई गैस की वास्तविक उपलब्धता और सप्लाई के हालात पता चल सकें।

जूली ने डबल इंजन सरकार के नारे पर तंज कसते हुए पूछा, आखिर ये डबल इंजन दिख कहां रहा है? इस संकट की घड़ी में जनता को राहत देने के बजाय सरकार खामोश क्यों है? क्या सरकार सिर्फ सत्ता का मजा लेने के लिए चुनी गई है? नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि रसोई गैस नहीं मिली तो सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि किसान भी बुरी तरह बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि खेती और फर्टिलाइजर से लेकर दैनिक दिनचर्या तक सब कुछ इसी पर निर्भर है।

बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जूली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि गैस के दाम बढ़ाने से आम जनता की कमर टूट चुकी है और अब सिलेंडर के लिए भी मारामारी करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक साधनों जैसे लकड़ी और इंडक्शन चूल्हों के दाम भी आसमान छू रहे हैं, जिससे गरीब आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। जूली ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी निशाना साधा और कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ सत्ता सौंपी है, सरकार को उस भरोसे को कायम रखते हुए तुरंत राहत देनी चाहिए।

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