रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मकान और व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि एनएचएआई ने राजमार्ग प्रवेश पोर्टल का अपग्रेड वर्जन लॉन्च किया है. नए पोर्टल के माध्यम से मकान, पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट, रेस्ट एरिया, होटल, ढाबे के एनओसी के लिए कनेक्टिंग रोड के लिए अब एनएचएआई के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर कार्यालय के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. राजमार्ग प्रवेश पोर्टल अब ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा. इससे आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी और तेज हो जाएगी.

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य हाईवे किनारे सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देना और निवेश को आसान बनाना है. एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि एक साल में करीब 600 से अधिक आवेदन आते थे. इसके लिए आवेदक को कार्यालय आना पड़ता है. इस पोर्टल के शुरू होने से आवेदकों के समय की बचत होगी. यह पोर्टल आम नागरिकों, निजी कंपनियों और सरकारी विभागों तीनों के लिए उपयोगी है.

यदि कोई व्यक्ति या संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे व्यवसाय शुरू करना चाहता है, या किसी तरह का कनेक्शन लेना चाहती है, तो उसे पहले कई विभागों से अलग-अलग अनुमति लेनी पड़ती थी. इसमें काफी समय और मेहनत लगती थी. अब नई व्यवस्था में सभी प्रक्रियाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी. आवेदक अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर ही ट्रैक कर पाएंगे. इससे प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी.

ऐसे होगा आम लोगों को फायदा

इस पोर्टल से आम लोगों को भी कई तरह से लाभ मिलेगा. हाईवे पर अधिक पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया और फूड कोर्ट बनने से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. वाहन चालकों को ईंधन, भोजन और आराम के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे. इसके अलावा नई परियोजनाओं के कारण आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. स्थानीय दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं को भी व्यापार बढ़ाने का मौका मिलेगा. कुल मिलाकर ‘राजमार्ग प्रवेश’ पोर्टल का अपग्रेडेड संस्करण हाईवे से जुड़े कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से हाईवे किनारे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, फूड कोर्ट और लॉजिस्टिक हब जैसी सुविधाएं तेजी से विकसित हो सकेंगी. इससे यात्रियों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी. विशेषज्ञों के अनुसार, हाईवे के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को भी नए अवसर मिलेंगे.

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए भी प्रक्रिया आसान

‘राजमार्ग प्रवेश’ पोर्टल केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है. इसके जरिए टेलीकॉम कंपनियां हाईवे के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए अनुमति ले सकेंगी. इसी तरह गैस या पानी की पाइपलाइन बिछाने और बिजली लाइन स्थापित करने जैसी परियोजनाओं के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा. पहले इन कामों के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करना पड़ता था और कई बार फाइलें लंबित रहने से परियोजनाएं महीनों तक अटक जाती थी. अब एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली से मंजूरी प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी होने की संभावना बढ़ेगी.

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