Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने शुक्रवार को आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक रामलाल मेघवाल की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 80 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुके रामलाल ने जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल में दम तोड़ा। खाजूवाला निवासी रामलाल पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई न होने से हताश होकर उसने खौफनाक कदम उठा लिया।

आग का गोला बनकर गैलरी में भागा पीड़ित

शुक्रवार दोपहर जब बीकानेर एसपी ऑफिस में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी खाजूवाला के 4 बीजेएम निवासी रामलाल वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गया और चिल्लाते हुए एसपी ऑफिस की गैलरी में एएसपी सिटी के कार्यालय तक जा पहुंचा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में कंबल डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। उसे गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जयपुर रेफर किया गया था।

महिला पर प्रताड़ना का आरोप, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

मृतक रामलाल का आरोप था कि एक महिला उसे लगातार प्रताड़ित कर रही थी। उसने कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दोषी पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही चक्कर कटवाए, जिससे तंग आकर उसने आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाया।

पुलिस प्रशासन का पक्ष

मामले में बीकानेर एसपी कावेन्द्र सिंह सागर का कहना है कि रामलाल ने पहले शिकायत दी थी, लेकिन बाद में उसने स्वयं लिखित में दिया था कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। सीओ सिटी ने भी इस शिकायत की जांच की थी, जिसमें कुछ निकलकर नहीं आया था। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

पढ़ें ये खबरें