बेगूसराय। सीपीआई (एम) के पोलित ब्यूरो सदस्य अशोक ढावले ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को पूरी तरह विफल करार दिया है। बेगूसराय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां अमेरिकी दबाव में हैं, जिसका सीधा खामियाजा देश की जनता गैस और ईंधन की किल्लत के रूप में भुगत रही है।
गैस संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव
ढावले के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का असर भारत पर पड़ रहा है। ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है जो सस्ते दाम पर तेल-गैस देता था, लेकिन वर्तमान सरकार के रुख ने संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कालाबाजारी चरम पर है और सिलेंडर 2000 से 3500 रुपये तक बिक रहे हैं। यदि यही स्थिति रही, तो जल्द ही देश में डीजल और पेट्रोल का भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
जन आक्रोश रैली की तैयारी
केंद्र की तानाशाही और सांप्रदायिक नीतियों के विरोध में 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘जन आक्रोश रैली’ का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली के मुख्य बिंदु हैं:
भागीदारी: देशभर से 1 लाख और बिहार से 20 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा।
मुद्दे: मनरेगा, नए श्रम कोड, बिजली विधेयक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और बढ़ती बेरोजगारी।
अभियान: रैली की सफलता के लिए 6 ‘जन आक्रोश जत्थे’ जिलों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
सरकार पर तीखा हमला
अशोक ढावले ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सांप्रदायिकता का सहारा ले रही है। किसान, मजदूर, दलित और अल्पसंख्यकों के हक छीने जा रहे हैं। उन्होंने इजरायल-ईरान संघर्ष में भारत की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांति की पहल करने के बजाय सरकार आक्रामक शक्तियों का साथ दे रही है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है।
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