Zomato Hike Platform Fees: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने अपने ग्राहकों को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 2.40 रुपये का एक और इजाफा किया है, जिसके बाद अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर 14.90 रुपये की प्लेटफॉर्म फीस चुकानी होगी. ये नई दरें शुक्रवार, 20 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं. ये फीस जीएसटी से अलग है, जिसका मतलब है कि टैक्स जुड़ने के बाद ग्राहकों के बिल में फीस और बढ़कर दिखेगी.

क्यों बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस?

जोमैटो के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में ये बढ़ोतरी कंपनी के खर्चों को बैलेंस करने और सर्विस की क्वालिटी को बनाए रखने के लिए की गई है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी लागत बढ़ी है. इसके अलावा, कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और डिलीवरी पार्टनर्स के मार्जिन पर दबाव बनाया है.

जोमैटो ने दिया झटका

वहीं, उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी पहले से ही प्रति ऑर्डर टैक्स सहित 14.99 रुपये चार्ज कर रही है. ऐसे में जोमैटो के नए शुल्क के बाद दोनों फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के चार्ज लगभग समान हो गए हैं.

प्लेटफॉर्म फीस में यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आई है. ईंधन महंगा होने से डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ती है, जिसका असर रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों पर पड़ता है. ऐसे में कंपनियां अपने खर्च को संतुलित करने के लिए फीस बढ़ा रही हैं. इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ता है, क्योंकि अब हर ऑर्डर पर कुल बिल पहले से ज्यादा हो जाएगा, भले ही सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही हो.

मिडिल ईस्ट टेंशन का असर

गौरतलब है कि फूड डिलीवरी सेक्टर में ये नई बढ़ोतरी ऐसे वक्त पर देखी जा रही है जब कंपीटीशन तेजी से बदल रही है. अर्बन मोबिलिटी स्टार्टअप रैपिडो ने हाल ही में बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सेवा ‘ओनली’ शुरू की है. कंपनी का कहना है कि वह ग्राहकों या रेस्टोरेंट्स से डिलीवरी चार्ज के अलावा कोई अतिरिक्त फीस नहीं लेगी. रैपिडो का ये कदम मौजूदा कंपनियों पर दबाव बना सकता है, खासकर ऐसे समय में जब ग्राहक फूड डिलीवरी ऑर्डर पर लगने वाले कई तरह के अतिरिक्त शुल्कों को लेकर पहले से ही चिंता जता रहे हैं.

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