पटना। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ईद के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देने के साथ-साथ बिहार की सियासत में बड़ा धमाका किया है। नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य पर सीधा हमला बोलते हुए किशोर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अब उस स्थिति में नहीं हैं कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

​नीतीश की विदाई तय

​प्रशांत किशोर ने अपनी पुरानी भविष्यवाणी को दोहराते हुए कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी रहे हों, नीतीश कुमार अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं टिकेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की वर्तमान शारीरिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। किशोर के अनुसार, जिन शक्तियों (भाजपा और केंद्र सरकार) ने नीतीश को सत्ता तक पहुंचने में मदद की है, वे अब अपना ‘हिस्सा’ मांग रही हैं। इसी राजनीतिक सौदेबाजी के तहत नीतीश कुमार को बिहार से हटाकर दिल्ली (राज्यसभा) भेजने की पटकथा लिखी जा चुकी है।

​चुनाव आयोग पर सवाल

​चुनावी नतीजों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीके ने इसे खरीदा हुआ जनादेश करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। किशोर ने कहा कि इस चुनाव में जमकर पैसे बांटे गए और वोट खरीदे गए। उन्होंने तंज कसा कि सत्ता में हिस्सेदारी करने वाले दल अब नीतीश को लंबी पारी खेलने नहीं देंगे।

​विपक्ष की भूमिका शून्य

​राज्य में विपक्ष की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में फिलहाल विपक्ष का अस्तित्व शून्य है। 243 सदस्यों वाली विधानसभा में यदि 202 विधायक सत्ता पक्ष के पाले में हों, तो सदन के भीतर विपक्ष की आवाज मर जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असली विपक्ष अब सदन में नहीं, बल्कि सड़कों पर दिखेगा।

​निशांत कुमार की एंट्री और बंगाल पर चुप्पी

​नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाओं पर किशोर ने इसे उनका निजी फैसला बताते हुए शुभकामनाएं दीं। वहीं, पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर पूछे गए सवाल को वे यह कहकर टाल गए कि वर्तमान में उनकी सक्रियता और ध्यान केवल बिहार पर केंद्रित है। प्रशासनिक फेरबदल पर उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व बदलता है, तो पूरी टीम का बदलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।