Rajasthan News: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। बापिणी पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मंत्री जी उस वक्त उखड़ गए, जब उन्हें पता चला कि कुछ अधिकारी आम जनता और कार्यकर्ताओं की बातों को अनसुना कर रहे हैं। शेखावत ने दो-टूक लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी कि वे अपना रवैया सुधार लें, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहें।

20 साल यहीं हूं, घर नहीं देखने दूंगा

दरअसल, जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों की मनमानी की शिकायत की थी। इस पर मंत्री शेखावत का पारा चढ़ गया। उन्होंने सरेआम अधिकारियों को लताड़ लगाते हुए कहा, अगले बीस साल तक मैं यहीं हूं, इस बात को लेकर मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं। जो अधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ गलत करेंगे, उन्हें मैं घर-द्वार नहीं देखने दूंगा।

बता दें कि मंत्री जी की इस फटकार का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उन सभी अधिकारियों के लिए है जो जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे।

किसानों के दर्द पर तुरंत लिया एक्शन

ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का मुद्दा उठाया। किसानों की पीड़ा सुनते ही शेखावत ने मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर को कड़े निर्देश दिए। नुकसान का तुरंत और विस्तृत आंकलन किया जाए। जल्द से जल्द सर्वे रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाए। प्रभावित किसानों को फसल मुआवजे की राशि समय पर मिले, इसकी निगरानी की जाए।

जनसुनवाई से पहले मंत्री शेखावत ने बापिणी स्थित श्री मेंहो जी महाराज के मंदिर में मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने लोहावट में भी लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारियों को पारस्परिक सम्मान बनाए रखना होगा, तभी जनता का काम सुचारू रूप से हो पाएगा।

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