किशनगंज। जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ न्यायपालिका ने एक कड़ा संदेश दिया है। जिला एवं विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए एक दंपति को दोषी करार दिया और उन्हें 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को इस मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है।
दोषियों की पहचान और आर्थिक दंड
सजा पाने वाले दोषियों की पहचान 33 वर्षीय जाहनाज खातून और उसके पति सुबोध प्रसाद उर्फ रहमान अंसारी के रूप में हुई है। अदालत ने न केवल उन्हें जेल की सजा सुनाई, बल्कि दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना भरने में विफल रहते हैं, तो उन्हें प्रत्येक 10,000 रुपये के एवज में एक महीने की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी। हालांकि, कानून के अनुसार उनके द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को कुल सजा में समायोजित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर त्वरित सुनवाई
इस मामले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुनवाई की रफ्तार रही। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नशीले पदार्थों से जुड़े इस संवेदनशील मामले का निष्पादन एक वर्ष के भीतर किया जाना अनिवार्य था। इसी आदेश का अनुपालन करते हुए, किशनगंज की विशेष अदालत ने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से गवाहों और सबूतों का बारीकी से परीक्षण किया और समय सीमा के भीतर अपना फैसला सुनाया।
पुलिस का ‘नशा मुक्त’ अभियान
किशनगंज पुलिस पिछले काफी समय से सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रही है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के फैसलों से अपराधियों में कानून का डर पैदा होगा। लगातार हो रही छापेमारी और सर्च ऑपरेशन का उद्देश्य जिले को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है। कोर्ट के इस फैसले से न केवल तस्करी पर लगाम लगेगी, बल्कि समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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