Rajasthan News: राजस्थान में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट (FMG) के जरिए डॉक्टर बनने और बनवाने वाले गैंग का आज एसओजी (SOG) ने पर्दाफाश कर दिया है। दरअसल, प्रदेश की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ ही इस फर्जीवाड़े में शामिल कुल 17 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, आज SOG के ADG विशाल बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस काले धंधे का कच्चा चिट्ठा खोला। सूत्रों ने बताया कि ये गैंग इतने शातिर तरीके से काम करता था कि बिना किसी डिग्री या सर्टिफिकेट के ही 12वीं पास लोगों का भी मेडिकल रजिस्ट्रेशन कर दिया जाता था।

98 फर्जी डॉक्टरों का हुआ था रजिस्ट्रेशन

गौरतलब है कि चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस पूरे मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ, उसने सबके होश उड़ा दिए। रिपोर्ट में 98 फर्जी डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इन फर्जी डॉक्टरों ने न तो कभी मेडिकल की पढ़ाई की और न ही कभी इंटर्नशिप की थी। ऑनलाइन आवेदन के समय अन्य राज्यों की काउंसिल के सर्टिफिकेट और NOC में कांट-छांट कर फर्जी कॉपियां अटैच की गई थीं।

बिना जांच के हो गया वैरिफिकेशन

मिली जानकारी के अनुसार, आरएमसी (RMC) ने बिना किसी जांच के ही इन फर्जी दस्तावेजों का वैरिफिकेशन कर दिया। आरोपियों ने एक कदम आगे बढ़ते हुए फर्जी ई-मेल आईडी तक तैयार की, जिसे सरकारी फाइल में अटैच कर दिया गया ताकि मामला असली लगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर डॉ. राजेश शर्मा को पहले ही निलंबित किया जा चुका था, और आज उनकी गिरफ्तारी ने प्रशासन की मुस्तैदी को और स्पष्ट कर दिया है।

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