पश्चिम एशिया के हालात पर पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली मीटिंग की, जो कि करीब सवा दो घंटे चली. इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली. प्रधानमंत्री ने कहा, टीम इंडिया की तरह सबको मिलकर काम करना होगा. कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा. पीएम ने भरोसा जताया कि टीम इंडिया के तौर पर मिलकर काम करते हुए, देश इस हालात से उबरेगा और कामयाब होगा.

पीएम ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापार में स्थिरता बनाए रखना, एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मज़बूत करना हैं. उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन को ठीक से चलाने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की.

एग्रीकल्चर सेक्टर में एडवांस प्लानिंग की ज़रूरत पर ज़ोर

पीएम ने एग्रीकल्चर सेक्टर में खासकर फर्टिलाइज़र स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन की मॉनिटरिंग में एडवांस प्लानिंग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. बदलते हालात पर तुरंत जवाब देने के लिए सभी लेवल पर मज़बूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. शिपिंग, ज़रूरी सप्लाई और समुद्री ऑपरेशन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए बॉर्डर और तटीय राज्यों पर खास ध्यान देने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने अफवाहें फैलाने के खिलाफ आगाह किया. सही और भरोसेमंद जानकारी फैलाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्रियों ने हालात से निपटने के लिए पीएम की लीडरशिप में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ोतरी के बीच फ्यूल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के फ़ैसले का स्वागत किया.

मुख्यमंत्रियों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई

मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता के साथ स्थिति स्थिर बनी हुई है. स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई. बता दें किइस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं शामिल हुए, जहां आचार संहिता लागू है और अगले कुछ दिनों में चुनाव होने हैं.

बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा मुख्यमंत्रियों में चंद्रबाबू नायडू, विष्णु देव सहाय, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, मोहन यादव, हेमंत सोरेन, पुष्कर सिंह धामी, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फड़णवीस और मोहन चरण मांझी शामिल हुए.

संकट के समय सरकार ने लिया बड़ा फैसला

इस संकट के समय केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. हालांकि, इससे ईंधन के खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं होगा. कंपनियां इसका उपयोग कच्चे माल की बढ़ी लागत की भरपाई के लिए करेंगी.

मुख्यमंत्रियों ने तेल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का स्वागत किया

मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की। उन्होंने तेल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने और LPG आवंटन बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया. साथ ही कहा कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता है और स्थिति नियंत्रण में है. यह पहली बार है जब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए.

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से क्या कहा?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के मद्देनजर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ समीक्षा बैठक की.
  • पीएम ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपटेगा.
  • सरकार की प्राथमिकताएं: आर्थिक व व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा और उद्योग-सप्लाई चेन को मजबूत करना.
  • राज्यों से सप्लाई चेन सुचारू रखने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया.
  • कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी पर जोर दिया गया.
  • बदलती स्थिति से निपटने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र बनाने की आवश्यकता बताई गई.
  • सीमा और तटीय राज्यों को शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़े संभावित चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
  • अफवाहों और गलत जानकारी के प्रसार पर सख्त चेतावनी, सही और विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर जोर.
  • मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और पीएम के नेतृत्व की प्रशंसा की.
  • वैश्विक अनिश्चितता के बीच ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का स्वागत किया गया.
  • कमर्शियल LPG आवंटन बढ़ाकर 70% करने के फैसले का भी राज्यों ने स्वागत किया.
  • राज्यों ने भरोसा जताया कि उनके यहां पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है.
  • सभी मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के साथ मिलकर स्थिति से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई.